मेरठ विकास प्राधिकरण में सभी अभियंताओं को अब यह बताना होगा कि वह दिन भर कहां रहे और क्या काम किया। प्रवर्तन टीम के प्रत्येक अभियंता को यह सब रजिस्टर में भरना होगा।
सभी अभियंताओं को एक-एक रजिस्टर दिया गया है। इसमें हर अभियंता यह दर्ज करेगा कि वह दिन भर कहां रहा। कितने निर्माण कार्यों पर जाकर जांच की। कितनों को नोटिस जारी किया और कितनों पर सील की कार्रवाई की। ध्वस्तीकरण के लिए कितने निर्माणों की फाइल तैयार की गई है। दरअसल, मंडलायुक्त के आदेश पर यह व्यवस्था लागू की गई है। मंडलायुक्त ने कहा है कि अवैध निर्माणों को रोकने की अहम जिम्मेदारी प्रवर्तन में लगे जेई की है। हालांकि मेट आदि इसकी प्राथमिक सूचना देते हैं। लेकिन मॉनीटरिंग का काम जेई है। ऐसे में इस कड़ी को मजबूत करना होगा। ऐसा कई प्रकरणों में आया है कि जब जेई ही अवैध निर्माण कराते रहे। ऐसे में इस बार सख्ती की जा रही है।
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साप्ताहिक होगी समीक्षा
इन रजिस्टरों की साप्ताहिक समीक्षा एमडीए के सचिव और वीसी करेेंगे। प्रत्येक जेई का लेखाजोखा देखा जाएगा। उसके बाद यदि किसी की परफारमेंस खराब है तो उससे जवाब-तलब किया जाएगा। खुद मंडलायुक्त भी इसकी समीक्षा करेंगे। इतना ही नहीं, क्रॉस चेकिंग कभी भी कराई जा सकती है। कुछ प्रकरणों में जेई को एडवांस में अगले दिन का प्लान बताना होगा।
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