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स्कूलों की फीस अदायगी पर जोर दिया

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मोदीपुरम। लॉकडाउन के चलते स्कूल-कॉलेज बंद हैं। ऐसे में सरकार के निर्देश पर स्कूल प्रबंधन ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई। इसके बावजूद अभिभावक तीन माह की फीस माफी को लेकर आवाज उठा रहे हैं। इससे स्कूलों के सामने काफी दिक्कतें आएंगी। स्कूलों को तीन माह की फीस दिलाने को लेकर रविवार को प्रबंधकों के प्रतिनिधिमंडल ने श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष से मुलाकात की।
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प्रदेश के 81 हजार निजी स्कूलों की समस्या को लेकर 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वेद इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन अजीत कुमार के नेतृत्व में श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष पंडित सुनील भराला से उनके आवास पर मिला। ऑल इंडिया एजुकेशन एम्पावरमेंट फेडरेशन व कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिपेंडेंट स्कूल का समर्थन पत्र सुनील भराला क्रो ेसौंपा। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में स्कूल प्रबंधकों को वित्तीय एवं प्रबंधकीय समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते अभिभावकों को तीन माह की फीस माफी के लिए भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय समस्या के चलते प्रबंधन छात्रों को स्कूल खुलने के बाद सुविधाएं कैसे दे पाएगा। वहीं, स्कूल बंदी की ओर बढ़ रहे हैं। इससे लाखों शिक्षक बेरोजगार हो जाएंगे। यही नहीं स्कूल बैंकों के डिफॉल्टर हो जाएंगे। वहीं, स्कूल प्रबंधक शीघ्र उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा से मुलाकात करेंगे। यहां राहुल केसरवानी, राजीव भारद्वाज, डॉ. जेवी चिकारा, लियाकत अली, अमित आदि रहे।
ये रखी समस्याएं
-85 फीसदी स्कूलों की मार्च तक की काफी फीस बकाया है। फीस माफी की मांग करने वालों पर सरकार के निर्देश को बाधित करने की कार्रवाई की जाए।
-फीस नहीं मिलने से शिक्षकों का मानदेय, लोन पर ली गई बसों का रखरखाव, बस स्टॉफ का मानदेय, बिजली बिल अदा नहीं कर पाएंगे।
-यदि अभिभावक एक-दो महीने की फीस देने में असमर्थ हो वे अगले तीन महीने की फीस के साथ अदा सकते हैं।
-असमर्थ अभिभावकों के बच्चों को आसपास के सरकारी स्कूलों में शिफ्ट किया जाए। इससे सरकारी स्कूलों को भी नया जीवन मिल जाएगा।
-स्कूल ट्रांसपोर्ट का रजिस्ट्रेशन, बीमा एवं फिटनेस आदि की अवधि एक साल के लिए बढ़ाई जाए। लोन की किस्त स्कूल सुचारू रूप से चलने तक स्थगित की जाएं। स्थगन अवधि का ब्याज न लिया जाए।
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-स्कूल सुचारू रूप से चलने तक फीस माफ कर दी जाए। शिक्षकों व कर्मचारियों का मानेदय व स्कूल के अन्य खर्च अनुदान के रूप में सरकार द्वारा दिए जाएं।
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