एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कमिश्नर को हवाई उड़ान शुरू करने में आ रही अड़चन गिनवाईं। एमडीए द्वारा बनाए गए एयरपोर्ट एंक्लेव बिल्डिंग, रिठानी की तरफ पानी की टंकी, बिजली के बड़े पोल, पराग डेयरी, गगोल तीर्थ सरोवर को अड़चन के तौर पर देखा गया।
अपने शहर से हवाई उड़ान शुरू होने में अभी कई बाधाएं आड़े आ रही हैं। शुक्रवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की छह सदस्यीय टीम ने कमिश्नर सुरेंद्र सिंह के साथ रनवे पर चलकर तीन घंटे तक चर्चा की।
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रनवे के दोनों ओर आ रही दिक्कतों पर बात की। इसमें एमडीए द्वारा बनाए गए एयरपोर्ट एंक्लेव बिल्डिंग, रिठानी की तरफ पानी की टंकी, बिजली के बड़े पोल, पराग डेयरी, गगोल तीर्थ सरोवर को अड़चन के तौर पर देखा गया।
तकनीकी टीम ने प्रशासन से इन सभी बाधाओं को दूर करने को कहा। उसके बाद दोबारा एएआई (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) सर्वे करेगी। इस पर कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने भी सहमति जताते हुए स्थानीय प्रशासन की टीम गठित कर जमीन अधिग्रहण सहित समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया।
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हाल ही में एटीआर -72 (78 यात्रियों का विमान) उड़ाने पर वार्ता चल रही थी। लेकिन इसे मेरठ स्थित डा. भीमराव अंबेडकर हवाई पट्टी से उड़ाने के लिए रनवे की चौड़ाई बढ़ाने की जरूरत है। इसके बाद ही इस पर फैसला लिया जा सकता है।
अभी रनवे की लंबाई 1500 मीटर और चौड़ाई 23 मीटर है। इसमें अभी 30 मीटर चौड़ाई की जरूरत है। वहीं, रनवे को भी 2050 मीटर तक करना पड़ेगा। एएआई की टीम में जीएम हरी कुमार, जेजीएम जावेद अंजुम, डीजीएम अमित कुमार, एजीएम सुशील वर्मा, एजीएम तरुण कुमार गुप्ता, मैनेजर अंकुर टुटेजा, एसडीएम सदर संदीप भागिया आदि शामिल रहे।
नया रनवे बनाया जाए : वार्ता के दौरान सामने आया कि नया रनवे बनाकर सभी बाधाओं को खत्म किया जा सकता है। इसके लिए 195 हेक्टेयर जमीन लेनी होगी। इस पर किसानों के साथ सहमति बनानी होगी। वहीं, अगर रनवे नया नहीं बनाना है, तो रिठानी की तरफ लगे बिजली के पोल हटाने होंगे। इस पर अनुमानित लागत 30 करोड़ रुपये आएगी।
एटीआर 42 पर चर्चा : वहीं हाल ही में एलायंस इंडिया एटीआर-42 उड़ाने पर चर्चा कर रही है। ये विमान 42 सीटर है। इसे मेरठ से उड़ाया जा सकता है। लेकिन अभी तक ये विमान उपलब्ध नहीं है। इसे बनाया जा रहा है।
हेली टूरिज्म, एयरो स्पोर्ट्स : कमिश्नर ने एएआई से उड़ान के अलावा अन्य सुविधा शुरू करने पर चर्चा की। मेरठ से हेली टूरिज्म व्यवस्था करने के लिए कहा, जिससे हेलिकॉप्टर से देहरादून, केदारनाथ यात्री जा सकें। वहीं, एयरो स्पोर्ट्स में पैराशूट ग्लाइडिंग आदि अन्य एडवेंचर खेल जल्द शुरू करने के लिए वार्ता की।
अब ये होगी प्रक्रिया
एएआई की तकनीकी टीम स्थानीय प्रशासन को बाधा के कारणों को बताएगी। इसके बाद इन्हें दूर करने के लिए प्रशासन विभागों से चर्चा करेगा। इन्हें दूर करने के बाद एएआई ओएलएस सर्वे करेगा। इसके बाद उड़ान की संभावना देखी जाएगी।