मेरठ। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत ई-पॉस मशीनों से बिजली बिल जमा किए जाने की योजना पर सोमवार को डीएम के बालाजी ने हरी झंडी दे दी है। सोमवार को इस पूरी प्रक्रिया का डेमो भी दिया गया। एक नवंबर से यह योजना जिले में लागू हो जाएगी।
कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी के. बालाजी और पीवीवीएनएल एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की मौजूदगी में कोटेदार द्वारा ई-पॉस मशीन से बिल जमा कर डेमो दिया गया। जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि जनपद में कुल 930 सस्ते गल्ले की सरकारी दुकान हैं, जहां ई-पॉस मशीन से राशन बाटा जाता है। इसी से अब बिजली के बिल भी जमा होंगे।
इस योजना में कोटेदार को ग्रामीण क्षेत्र में 10 हजार रुपये तक की प्रत्येक ट्रांजेक्शन के लिए 17 रुपये और शहरी क्षेत्र में तीन हजार रुपये तक की प्रत्येक ट्रांजेक्शन के 10 रुपये 20 पैसे कमीशन मिलेगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में 10 हजार से ज्यादा की ट्रांजेक्शन पर 0.25 प्रतिशत कमीशन और शहर में 0.40 प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा। कंपनी और कोटेदार दोनों का कमिशन इसमें शामिल है। उन्होंने बताया कि तीन दिन में सभी कोटेदारों को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी और एक नवंबर से इस योजना को लागू कर दिया जाएगा। इस मौके पर चीफ इंजीनियर श्रीयुत भागवत यादव, अधीक्षण अभियंता अजय ओझा, अधिशासी अभियंता प्रवीण गौतम भी मौजूद रहे।