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Election 2024: शांतिपूर्ण हुआ पहले चरण का चुनाव लेकिन घटा मतदान प्रतिशत, माननीयों की बढ़ी टेंशन

Sun, 21 Apr 2024 01:52 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

लोकसभा चुनाव में इस बार मतदान का प्रतिशत काफी घट गया। पहले चरण में सबसे ज्यादा मतदान प्रतिशत सहारनपुर का रहा लेकिन यह भी पिछले चुनाव के मुकाबले औसतन कम ही रहा। ऐसे में आगामी चरण के मतदान को लेकर पार्टी प्रत्याशियों की टेंशन बढ़ गई है।
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मतदान करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तो हुआ, लेकिन माननीयों को टेंशन दे गया। इसकी वजह है कम मतदान प्रतिशत। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने का आह्वान किया था। भाजपा का मानना है कि जितना अधिक मतदान प्रतिशत बढ़ेगा उतना ही फायदा होगा, लेकिन 2019 के मुकाबले मतदान प्रतिशत बढ़ने की बजाय घट गया। 2019 में जिले की सातों विधानसभा में जहां 71.71 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं 2024 में यह नीचे खिसककर 66.74 तक रह गया। यह स्थिति तब है जब जिले की सात विधानसभा क्षेत्र में से पांच पर भाजपा के विधायक हैं, जबकि दो में सपा के विधायक है।
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सहारनपुर नगर  
सहारनपुर नगर में भाजपा के विधायक राजीव गुंबर हैं। जहां हिंदू-मुस्लिम मिश्रित आबादी क्षेत्र है। यहां पर पिछली बार 67 प्रतिशत मतदान हुआ था, लेकिन इस बार मतदान प्रतिशत 60.61 पर ही सिमट गया। सहारनपुर नगर के हिंदू वोटर को भाजपा का माना जाता है। सहारनपुर शहर में जिस समय प्रधानमंत्री आए थे तो उन्होंने मंच से आह्वान किया था कि अधिक से अधिक मतदान करना है, लेकिन जिस तरीके से वोट प्रतिशत घटा है, वह टेंशन बढ़ा रहा है। उधर, विधायक राजीव गुंबर का कहना है कि भाजपा को सभी वर्ग का वोट मिला है। जीत निश्चित है।

सहारनपुर देहात  
सहारनपुर देहात में सपा विधायक आशु मलिक हैं। यहां पर 2019 में वोट प्रतिशत 72.99 रहा था, लेकिन इस बार वोट प्रतिशत 68.13 रहा। सहारनपुर देहात क्षेत्र अधिकतर दलित और मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है। यहां पर मतदाताओं का मिलाजुला असर रहता है।

बेहट 
बेहट विधानसभा से सपा विधायक उमर अली खान है। इस विधानसभा में पिछली बार 73.02 प्रतिशत मतदान हुआ है, लेकिन इस बार 72.34 रहा। यहां पर अधिकतर सैनी, गुर्जर, दलित और मुस्लिम आबादी क्षेत्र है। इस क्षेत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनसभा की थी, जिसमें मतदान प्रतिशत बढ़ाने का भी आह्वान किया था।

देवबंद  
देवबंद विधानसभा भाजपा के लिए सबसे अहम है। यहां पर भाजपा के विधायक कुंवर ब्रिजेश सिंह है, जो राज्यमंत्री मंत्री भी हैं। यह क्षेत्र मुस्लिम, एससी, राजपूत, त्यागी और गुर्जर बाहुल्य है। अन्य बिरादरी की भी काफी संख्या है। यहां पर वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी थी, लेकिन वोट प्रतिशत बढ़ने की बजाय काफी घटा। 

2019 लोकसभा चुनाव में 70.02 रहा था और इस बार 64.16 प्रतिशत मतदान प्रतिशत रहा। उधर, राज्यमंत्री का कहना है कि यह ठीक है कि मुस्लिम वोट का बड़ा प्रतिशत कांग्रेस को गया है, लेकिन हिंदू वोट 90 फीसद भाजपा के पक्ष में है। भाजपा की जीत निश्चित है।
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रामपुर  
रामपुर मनिहारन विधानसभा में भाजपा विधायक देवेंद्र निम हैं। यहां पर 2019 में वोट प्रतिशत 71 प्रतिशत रहा था, जबकि इस बार 68.01 रहा है। इस क्षेत्र में एससी, मुस्लिम और गुर्जर की संख्या अधिक है। यहां पर भी वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए भाजपा ने दिन-रात एक कर रखा था। उधर, विधायक देवेंद्र निम का कहना है कि रामपुर मनिहारन विधानसभा के वोटरों में मतदान को लेकर उत्साह था। हर हालत में यहां पर भाजपा को जीत मिलेगी।

गंगोह  
कैराना लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली गंगोह विधानसभा में भाजपा विधायक किरत सिंह हैं। इस विधानसभा में पिछली बार 73 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार यह घटकर 63.88 फीसद रहा। यह क्षेत्र मुस्लिम, गुर्जर, सैनी, एससी और ब्राह्मणों की संख्या अधिक है।

नकुड़ 
कैराना लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली नकुड़ विधानसभा में भाजपा विधायक मुकेश चौधरी हैं। इस क्षेत्र में गुर्जर, एससी और मुस्लिमों की संख्या ठीक है। अन्य बिरादरी का भी वर्चस्व है। 2019 में यहां पर 72.6 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार 70.03 पर सिमट गया। उधर, विधायक मुकेश चौधरी का कहना है कि मतदान प्रतिशत कुछ कम हुआ है, लेकिन यहां से भाजपा को अच्छा वोट मिला है। अच्छे मतों से जीत दर्ज की जाएगी।
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