समितियों को किया अलर्ट
शहर और गांव स्तर पर पहले से बनी समितियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। जो लोग दूसरे जिलों या प्रदेश से आ रहे हैं, ऐसे लोगों की सूची तैयार करने और जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच करना और कोरोना के फैलाव को रोकना है।
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 1152 लोगों की हुई जांच
मुख्यमंत्री आरोग्य मेला 57 स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाया गया। मेले में 1152 लोगों की एंटीजन से जांच की गई। आरोग्य मेले में 2680 मरीजों को उपचार मिला। इनमें 990 पुरुष, 1336 महिलाएं और 354 बच्चे हैं।
इस दौरान 253 लोगों के आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाए गए। हेपेटाइटिस बी की जांच 133 लोगों की हुई और हेपेटाइटिस सी की जांच 86 लोगों की। इनमें से किसी को भी हेपेटाइटिस की पुष्टि नहीं हुई है। 48 लोगों को नेत्र की समस्या थी, 96 को लीवर की।
193 लोग सांस की बीमारी से ग्रसित थे, जबकि 269 पेट रोगी थे। 142 टीबी के मरीज थे, 654 त्वचा के रोगी, 28 टीबी के संदिग्ध मरीज थे और 43 खून की कमी के। 130 लोगों को हाइपरटेंशन की शिकायत थी और 27 कुपोषण के शिकार बच्चे थे। बाकी अन्य बीमारियों से ग्रसित थे।
11 मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए रेफर किया गया है। इस मेले के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि पिछली सप्ताह होली के कारण मुख्यमंत्री आरोग्य मेला नहीं लगाया गया था। वैसे, हर रविवार को यह मेला लगाया जा रहा है। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा मरीजों को छुट्टी के दिन भी उपचार देना है।