डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ट्रैक पर खुर्जा से सहारनपुर तक 10 से 15 किमी के दायरे में स्टेशन बनाए गए हैं। मालगाड़ियों का संचालन शुरू होने के बाद मेरठ से सहारनपुर के बीच यात्री ट्रेनों की रफ्तार और समय में बदलाव हो जाएगा।
डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ट्रैक पर मोहिउद्दीनपुर में साइडिंग स्टेशन की उम्मीद बंध गई है। यहां लॉजिस्टिक पार्क भी बनाया जाएगा। कॉरिडोर पर खुर्जा से सहारनपुर तक 10 से 15 किमी के दायरे में स्टेशन बनाए गए हैं, जिससे मालगाड़ियों को स्टेशन पर पास कराया जा सके। इस चरण में 21 स्टेशन बनाए गए हैं।
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पश्चिम बंगाल के दानाकुनी से लुधियाना तक बनाए जा रहे ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इसमें कानपुर से न्यू खुर्जा तक मालगाड़ियों का संचालन शुरू किया जा चुका है।
अगले चरण में जून-2022 में खुर्जा से सहारनपुर तक 257 किमी का संचालन किया जाना है। इस चरण में ट्रैक को सिंगल ट्रैक बनाया गया है।
यात्री ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी
मालगाड़ियों का संचालन शुरू होने के बाद मेरठ से सहारनपुर के बीच यात्री ट्रेनों की रफ्तार और समय में बदलाव हो जाएगा। आमतौर पर यात्री ट्रेनों को पास कराने के लिए स्टेशनों पर मालगाड़ियों को रोकना पड़ता है। इससे मालगाड़ियों को भी तेज रफ्तार से समय पर सामान का आवागमन करने में दिक्कत होती है।
ट्रक ऑन ट्रेन सर्विस आजमा रहे
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पालमपुर स्टेशन पर मालगाड़ियों पर ट्रक को रखकर सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ट्विटर एकाउंट पर अनोखे टीओटी सर्विस का वीडियो अपलोड किया गया। इसमें दिखाया गया कि आने वाले समय में अन्य स्थानों पर भी सामान को इस तरह से फ्रेट कॉरिडोर के रास्ते पहुंचाया जा सकेगा। इससे समय की बचत के साथ बजट में भी फायदा होगा। इससे मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का प्रयास भी सफल साबित होगा।