चिरौड़ी गांव निवासी जोगेंद्र प्रजापति अपनी पत्नी लता के साथ मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। जोगेंद्र के तीन बेटी खुशी (16), शीतल (13), शिवानी (10) और दो बेटे शिवम (8) व रजत (5) हैं। बेटी खुशी ने गांव स्थित सरस्वती शिक्षा निकेतन से 10वीं की पढ़ाई पूरी की थी। मृतक जोगेंद्र किसी तरह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था, लेकिन यह नाकाफी था। लगातार मृतक आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और परेशान चल रहा था।
गुरुवार को दंपती मजदूरी के लिए चला गया। दोपहर में जोगेंद्र घर पर खाना खाने आया। उस दौरान बेटी खुशी ही घर पर मौजूद थी और बाकी बच्चे गांव में खेल रहे थे। दोनों ने आर्थिक तंगी के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। इसी बीच पत्नी लता भी घर पहुंची और उसे दोनों के जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी हुई।
लता के शोर मचाने पर पड़ोसी एकत्रित हुए और आनन फानन में दोनों को मोदीपुरम के एसडीएस अस्पताल लेकर पहुंचे। उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। पिता-पुत्री की मौत की जानकारी मिलते ही दौराला पुलिस अस्पताल पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, जोगेंद्र व खुशी की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।