रुड़की रोड पर ट्रक की साइड में घुसी मृतक चिकित्सक डा. नीरज की कार।
- फोटो : MODIPURAM
मोदीपुरम/मेरठ। डॉ. नीरज रात करीब साढ़े 12 बजे एक शादी समारोह से परिवार के साथ लौटे थे। घर में गाड़ी पार्क करने के दौरान ही पड़ोसी गोलू आ गया। उसने एक पार्टी में चलने को कहा। पत्नी और मां ने नीरज को जाने से रोका भी, लेकिन वह नहीं माने। डॉ. नीरज के पिता रामलाल कैंट बोर्ड ऑफिस से रिटायर्ड हैं। मोहनपुरी में उनकी मां सुशीला, पत्नी सुधा, दो बेटियां वंशिका और वाशू, छोटा भाई आशीष और उनकी पत्नी साधना सभी साथ रहते हैं। नीरज एनिमल केयर सोसाइटी के अध्यक्ष थे। सोसाइटी के सचिव अंशुमाली वशिष्ठ ने बताया कि नीरज का स्वभाव बहुत अच्छा था। वह रात में परिवार के साथ एक कार्यक्रम से लौटे थे। उसके बाद पड़ोसी गोलू उर्फ शुभम त्यागी के साथ एक पार्टी में चले गए। गोलू हलवाई का काम करता है। पत्नी और मां के मना करने पर भी गोलू उन्हें लेकर चला गया। सुबह करीब छह बजे हादसे की सूचना मिली तो घर में कोहराम मच गया। गोलू और नीरज कुमार का मकान आसपास है। हादसे के बाद से गोलू के घर पर भी ताला लटका है।
बात मान लेते तो बच जाती जान
मोदीपुरम। मां सुशीला और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी का कहना था कि अगर बात मान जाते तो यह हादसा न होता। मुझसे तो यही कहकर गए थे कि अभी आ रहा हूं, लेकिन अब तक नहीं आए। पिता की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के भी आंसू नहीं थम रहे थे।