- कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान पाठ के 41वां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान पाठ के 41वें दिन विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। जिसमें स्वर्ण कलश से अभिषेक रमेश जैन, अमित जैन, अरुण जैन ने किया। शांतिधारा विकास जैन, सौरभ जैन ने की। दीप का प्रज्ज्वलन सुशील जैन, निर्मल जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया।
आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद सभी तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ जिसमें विधान कराने वाले सभी धर्मप्रेमी बंधुओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। 95 परिवारों की ओर से विधान का कराया गया। गुरुवर भाव भूषण महाराज ने कहा कि मानसिक ज्वर के कुछ लक्षण होते हैं जैसे ज्वरग्रस्त व्यक्ति आशक्त हो जाता है, चल फिर नहीं सकता ऐसे ही असंतोषग्रस्त व्यक्ति को अपनी क्षमताओं का एहसास नहीं हो पाता। वह आध्यात्मिक स्तर पर अशक्त हो मानसिक रूप से रोगी हो जाता है। उसके मन में दूसरों को देखकर जलन, कुढ़न की भावना उत्पन्न हो जाती है। संतुष्ट व्यक्ति का हृदय अत्यंत निर्मल होता है। वह हर काम को बहुत उत्साह, साहस और स्थिरता से करता है।
विधान का विसर्जन उज्ज्वल जैन, सुनील जैन, श्रेयांश जैन ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्वलन आभा जैन, अंजलि जैन, शानवी जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन विकास जैन, सोनू, अंशी, सुरेंद्र जैन ने किया। भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन सीमा जैन, साधना जैन द्वारा किया गया।
इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सुनील जैन, राजीव जैन का सहयोग रहा।