मोदीपुरम। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम में फसल एवं डेयरी आधारित कृषि पद्धतियों एवं एकल प्रयोग प्लास्टिक निस्तारण को लेकर जागरूकता की बाबत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रम कल्याण परिषद् अध्यक्ष पंडित सुनील भराला ने किया। उन्होंने संस्थान द्वारा अनुसूचित जाति के किसानों की कृषि प्रणाली में तकनीकी समावेश से आय एवं आजीविका में सुधार पर किए जा रहे शोध कार्यों की सराहना की। वैज्ञानिक ऐसे शोध करें जिससे किसानों को लाभ मिले और उनकी आय दुगनी हो जाए। संस्थान के निदेशक डॉ. आजाद सिंह पंवार ने सभी अतिथियों एवं किसानों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान ने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के लगभग 25 गांवों के 1500 से अधिक किसानों को गोद लिया है। उनकी कृषि प्रणाली की उत्पादकता एवं आय में वृद्धि के लिए विभिन्न प्रकार के तकनीकी समावेश किए जा रहे हैं। डॉ. एन. रविशंकर ने मेरठ जिले के बहादुरपुर गांव में अनुसूचित जाति उपयोजना अंतर्गत किए जा रहे शोध कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि एवं जिला पंचायत अध्यक्ष शामली प्रसन्न चौधरी ने अपने संबोधन में किसानों को समेकित कृषि प्रणाली की उन्नत तकनीकों को अपनाकर अपने प्रक्षेत्र की उत्पादकता, आय, आजीविका एवं पर्यावरण सुरक्षा को सुदृढ़ करने की सलाह दी। प्रशिक्षण के दौरान समेकित नाशीजीव प्रबंधन, फसलों में समेकित पोषण प्रबंधन, मौसम अनुसार खेती, पशुपालन में संतुलित पोषण प्रबंधन, एकल प्रयोग प्लास्टिक के उपयोग खत्म करने पर जागरूकता आदि बिंदुओं पर व्याख्यान एवं प्रदर्शन के साथ प्रक्षेत्र भ्रमण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरेंद्र सिंह, अनिल, डॉ. सुरेश मलिक, डॉ. चंद्रभानु, डॉ. रघुवीर, एवं डॉ. मो. शमीम आदि मौजूद रहे।