डेंगू से लड़ने के लिए नोटिस
सहायक जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए मलेरिया विभाग फॉगिंग और एंटी लार्वा स्प्रे कर रहा है। जहां डेंगू के लार्वा मिले हैं, वहां नोटिस दिए जा रहे हैं। मलेरिया विभाग की 12 टीमों ने जिन स्थानों पर डेंगू के मरीज मिल चुके हैं, उन जगहों पर एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग भी की है। लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
तीन तरह का होता है डेंगू
डेंगू तीन तरह का होता है। क्लासिकल, हैमरेजिक और शॉक सिंड्रोम। इनमें क्लासिकल अपने आप ठीक हो जाता है। हैमरेजिक और शॉक सिंड्रोम होने पर खतरा रहता है। डेंगू बुखार के हर मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं होती है। हैमरेजिक और शॉक सिंड्रोम में भी जरूरत पड़ने पर ही प्लेटलेट्स चढ़ाए जाते हैं। ठीक होने में मरीज को 10 से 15 दिन का समय लग जाता है।
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