दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के कार्य को रुकवाने को लेकर 24 जुलाई को भोजपुर गांव में किसानों ने महापंचायत का एलान कर दिया है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात न कराने को लेकर किसानों में आक्रोश है। जिसके चलते किसानों ने अंतिम फैसला ले लिया गया है।
बता दें कि 26 गांवों के किसान एकसमान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कई बार प्रशासन के मनाने के बाद भी किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। किसान नेता सतीश राठी ने किसानों के साथ बैठक कर महापंचायत करने का एलान कर दिया है। उधर, किसानों के महापंचायत के एलान करते ही एनएचएआई ने भी प्रशासन से पुलिस बल की मांग की है। एक्सप्रेस-वे के चौथे चरण डासना से मेरठ तक निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माणकर्ता जीआर कंपनी इस चरण का कार्य निपटाने के लिए दिसंबर- 2020 तक का दावा कर रही है, लेकिन बारिश और किसानों के विरोध के चलते इस डेटलाइन को आगे बढ़ाने की संभावना है। हालांकि, अभी कोई ऐसा एलान नहीं किया गया है।
वहीं, कई स्थानों पर स्ट्रक्चरों का निर्माण बचा है। ये भी एनएचएआई के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। भोजपुर में हुई किसानों की बैठक में जयचंद भूडबराल, महबूब अली, पवन गुर्जर, जॉनी, बोबी, कीर्ति सहित अन्य मेरठ इलाके के गांवों के किसान भी मौजूद रहे।
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जलमग्न हो गया एक्सप्रेस-वे
सोमवार रात से हो रही तेज बारिश से एक्सप्रेस-वे जलमग्न हो गया है। अभी जहां-जहां मिट्टी भराव का कार्य चल रहा है। उस स्थान पर कार्य करने में काफी दिक्कतें आ रही है। इसलिए मंगलवार को पूरे दिन कार्य बंद रहा। वहीं, बारिश होने के बाद मिट्टी गीली होने की वजह से अभी चार से पांच दिन का इंतजार करना पड़ेगा।
एलएंडटी ने तैयार किया सूटडेन घर
वहीं, दिल्ली रोड पर एलएंडटी के रैपिड रेल के पिलर निर्माण पर भी बारिश ने असर डाल दिया है। हालांकि, एलएंडटी ने अपने इंजीनियरों और कर्मचारियों के लिए बारिश से बचाव करने के लिए सूटडेन घर तैयार किया है। जिससे तेज बारिश आने पर इस घर में जाकर वह अपना बचाव कर सकें। इसे सड़क किनारे तैयार किया गया है।
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