खासकर मिठाई की दुकान, किराना और सब्जी मंडी में सबसे ज्यादा भीड़ बनी हुई है। हालांकि पिछले तीन दिनों से लोग खरीदारी कर रहे हैं लेकिन कुछ ना कुछ सामान छूट जाने के चलते दीपावली के दिन भी अधिकांश लोगों को फिर से बाजार की तरफ जाना पड़ा।
अपने बड़ों के संग बच्चों ने भी मनपसंद की आतिशबाजी खरीदने के लिए बाजार जाने की जिद करते नज़र आये। उधर महिलाएं सुबह से ही शाम को दीपावली मनाए जाने की तैयारी में जुटी रही। घरों में सुंदर और आकर्षक रंगोलिया बनाई गई है।
बरकरार बना हुआ है कंदील का क्रेज
समय के साथ दीपावली दीपावली पर घरों को रोशन करने का तौर तरीका बदला है। तमाम लोग रंग बिरंगी झालर और अन्य तरह की लाइटिंग से घरों को सजाते हैं। लेकिन कंदील का क्रेज अभी भी बरकरार बना हुआ है। बाजार में लोग कंदील खरीदते नजर आए।
हालांकि बीते सालों सालों में बांस की लकड़ी का ढांचा बनाकर उसके चारों ओर रंग बिरंगी पानी लपेट दी जाती थी। बिजली बिजली के अभाव में कंदील के अंदर दिया रखकर रोशनी की जाती थी हालांकि अब दिए की जगह बल्ब ने ले ली है। कुछ भी कहे लेकिन कंदील के क्रेज को यह बदलते दौर भी काम नहीं कर सका।