नौकरी जाने का भय बना मजबूरी
कोरोना के मुश्किल दौर में शिक्षक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकते। क्योंकि नौकरी जाने का खतरा है। अगर नौकरी चली गई तो दूसरी नौकरी मिलना भी मुश्किल है। इसलिए शिक्षक स्कूल प्रबंधन की मनमानी सह रहे हैं। कई स्कूलों ने तो स्कूल बंद होने के कारण कई शिक्षकों, स्टाफ को नौकरी से निकाल दिया है।
स्कूल ने माना, काफी स्टाफ का रुका है वेतन
दीवान पब्लिक स्कूल इंटरनेशनल के डांस शिक्षक आशीष की आत्महत्या का प्रमुख कारण आर्थिक परेशानी बताया जा रहा है। सात माह से स्कूल ने वेतन भुगतान नहीं किया था। वेतन भुगतान न होने की बात स्कूल प्रबंधन ने भी स्वीकार की है। प्रधानाचार्य डॉ. रुचि शर्मा का कहना है कि काफी स्टाफ का वेतन रुका हुआ है।
आर्थिक परेशानी के कारण स्टाफ को वेतन भुगतान में दिक्कत आ रही है। हम जल्द से जल्द वेतन देने के लिए प्रयासरत हैं। आशीष के द्वारा उठाए गए कदम से प्रबंधन और स्टाफ सभी दुखी हैं। वह करीब पांच साल से स्कूल में डांस टीचर थे। बहुत मेहनती थे। आशीष का भी वेतन शेष है। उसका भुगतान उसके परिवार को अवश्य किया जाएगा। सोमवार को कई शिक्षक आशीष के घर शोक जताने पहुंचे।
सोशल मीडिया पर छाया मामला
आर्थिक तंगी के चलते शिक्षक की आत्महत्या का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा। शिक्षकों, अभिभावकों के व्हाट्सएप समूहों में इसे साझा किया गया। डांस एकेडमी व नृत्य क्षेत्र से जुड़े कलाकारों ने भी शोक जताया। लोगों ने कहा कि तनाव को साझा करें।
सहोदय, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन मौन
शरद त्रिपाठी ने ट्वीटर पर हैशटैग जस्टिस फॉर आशीष चलाया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा। ऐसे में मेरठ सहोदय क्या कर रहा है। सहोदय, विधायक और सांसद की क्या जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन इस मामले में खामोश क्यों है। शिक्षकों की रक्षा आखिर कौन करेगा। आशीष को न्याय मिलना चाहिए।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/