निजी तस्वीरों का हो सकता है दुरुपयोग
मोबाइल मेसेजिंग एप पर अगर टू वे वेरिफिकेशन नहीं होता तो ठग आसानी से यूजर के नंबर से एप अपने मोबाइल पर इंस्टाल कर लेता है। इंस्टालेशन के दौरान यूजर्स का बैकअप भी ठग के पास पहुंच जाता है। इससे यूजर्स की निजी तस्वीरें और वीडियो भी ठग के पास पहुंच जाती हैं। ठग यूजर की निजी तस्वीर और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पैसे ऐंठ सकते हैं।
जल्द शिकायत करेंगे तो नुकसान नहीं
साइबर सेल का कहना है कि अगर लोग ठगी होने के 15 मिनट बाद 1930 पर शिकायत करते हैं तो खाता ब्लॉक कर उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है। ठगी का शिकार हुए लोग साइबर सेल की वेबसाइट पर भी शिकायत कर सकते हैं।