अस्पताल में मौजूद ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
उधर, बड़ौत से छात्र के शव को लेकर परिजन मोर्चरी पहुंचे। इस बीच पांच-छह युवक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। यहां बैठे डॉ विजय प्रकाश से तुरंत पोस्टमार्टम करने के लिए कहा। डॉ विजयप्रकाश का कहना था कि मुकदमें के कागज और अनुमति पत्र के बिना रात में पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं है। इस पर युवक भड़क गए। इमरजेंसी के बाहर निकलकर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर ईंट और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।
होमगार्ड ने ऐसा करने से मना किया तो उसके साथ मारपीट की गई। कुछ देर बाद ही आरोपी भाग खड़े हुए। निवाड़ा चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची। डॉक्टरों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और पोस्टमार्टम से भी इंकार कर दिया। मृतक के परिजनों का कहना था कि वह युवकों से परिचित ही नहीं है।
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