बागपत। शहर से लेकर गांवों तक के मंदिरों में शनिवार को शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। वहीं प्रदोष व्रत होने पर महिला श्रद्धालुओं ने माता पार्वती को शृंगार का सामान चढ़ाकर पति की लंबी आयु को कामना की। शनिवार को सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी।
नगर के बाबा जानकीदास मंदिर, पक्का घाट मंदिर, दामोदर दास राधा-कृष्ण ठाकुरद्वारा मंदिर, मेरठ रोड स्थित शिव मंदिर, चमरावल रोड स्थित शिव मंदिर, पुराना कस्बे के बागेश्वर मंदिर में शनिवार को श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, अर्कपुष्प, धतुरा, भांग, दूध, दही, शहद, घी, जल से भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। शनिवार को प्रदोष व्रत होने पर मंदिरों में महिला श्रद्धालुओं की भी काफी भीड़ रही। सुहागिनों ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक कर माता पार्वती को शृंगार का सामान अर्पित किया। बाबा जानकीदास मंदिर के मुख्य पुजारी ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि पंचांग के अनुसार महीने में दो प्रदोष व्रत होते हैं। एक प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष और दूसरा प्रदेाष व्रत कृष्ण पक्ष में होता है। सावन में प्रदोष व्रत का महत्व सबसे अधिक माना गया है। सावन में सच्चे मन से प्रदोष व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। प्रदोष व्रत की पूजा शाम को प्रदोष काल में की जाती है।