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अघोषित कटौती से सूखने लगीं फसलें

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खरखौदा। क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से ताबड़तोड़ विद्युत कटौती की जा रही है। जिससे एक दिन में आपूर्ति चार-पांच घंटे ही मिल पा रही है। यह भी कई बार में दी जा रही है। जिससे खेतों में खड़ी धान एवं गन्ने की फसल सिंचाई के अभाव में सूखने लगी है।
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इस बार बारिश कम होने से गर्मी का असर अधिक है। सावन एवं भादों में बारिश अपेक्षित नहीं होने से फसलों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल सका है। इतना ही नहीं धान एवं गन्ने की फसल को सिंचाई की जरूरत पड़ रही है। इस समय धान में बाली निकल रही है। यदि इस समय सिंचाई नहीं की गई तो बाली सूख जाएगी। इससे धान की फसल में नुकसान होगा। किसानों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश में दिल्ली, हरियाणा एवं अन्य सभी प्रदेशों में विद्युत दरें सबसे महंगी हैं। प्रदेश सरकार लगभग प्रतिवर्ष इसमें इजाफा कर रही है। जून एवं जुलाई में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। उस समय क्षेत्र को पर्याप्त बिजली आपूर्ति की जा रही थी। सितंबर में तापमान अधिक नहीं है। इसके बावजूद क्षेत्र में जबरदस्त कटौती की जा रही है। खरखौदा क्षेत्र आपूर्ति मेरठ एवं हापुड़ से की जा रही है। इस समय पूरे खरखौदा क्षेत्र में दिन एवं रात्रि में कई-कई घंटे कटौती की जा रही है। जिससे फसलें सूखने लगी हैं। इस अघोषित कटौती से किसानों में रोष है। जिससे कभी भी गुस्सा फूट सकता है।
कटौती के लिए लखनऊ से ही आदेश आता है। लोकल स्तर से कोई कटौती नहीं की जा रही है। जैसे तापमान घटेगा तो व्यवस्था में अपने आप सुधर आ जाएगा। -अशर्फी लाल, एसडीओ विद्युत निगम, खरखौदा
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