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Meerut News: वेस्ट में अपराधी दे रहे खुली चुनौती, पुलिस कमिश्नरेट की मांग तेज

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- मेरठ में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने पर कई जनपदों पर होगा सीधा असर
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- एक माह में हुईं हत्या की 20 वारदात, अपराधियों में पुलिस का खौफ हुआ कम
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिलों में अपराधियों के हौसले बुलंद है। बदमाश पुलिस पर सीधी गोलियां चला रहे हैं। मेरठ में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने से आम जनता को लाभ मिलेगा और अपराधियों से आसानी से निपटा जाएगा। यातायात हो या फिर कानून व्यवस्था बेहतर करने के लिए पुलिस कमिश्नरेट लागू करने की मांग तेज होने लगी है। शासन स्तर से भी गोपनीय जांच कराई जा रही है कि मेरठ में पुलिस कमिश्नरेट बनने से वेस्ट यूपी के अन्य जनपदों पर कितना असर होगा।
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, नोएडा, गाजियाबाद के बाद मेरठ में पुलिस कमिश्नरेट की व्यवस्था लागू होने का मंथन चल रहा है। साइबर अपराध का बढ़ता ग्राफ, वेस्ट यूपी में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती बदमाश दे रहे हैं। शामली में मुठभेड़ में बदमाशों ने एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह पर सीधी गोली चला दी, जिसमें वह बलिदान हो गए। हालांकि, मुठभेड़ में चारों बदमाशों को पुलिस ने मार गिराया।
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लिसाड़ीगेट के सुहेल गार्डन में आठ जनवरी की रात राजमिस्त्री मोईन, पत्नी आसमा और उनकी तीन बेटियों की हत्या कर दी गई। 17 दिन बाद आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े। मुठभेड़ में मुख्य आरोपी नईम मारा गया है, जबकि सलमान को पैर में गोली लगने पर गिरफ्तार किया। तफ्तीश के दौरान खुलासा हुआ है कि लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी और लोहियानगर में बाहरी लोग आकर बस गए हैं, उनका वेरीफिकेशन तक पुलिस नहीं कर पा रही है। जिसका नतीजा कि अपराधियों को ढूंढना भी पुलिस के सामने चुनौती बना हुआ है।
कंकरखेड़ा में आठ जनवरी 2025 को दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर पूर्व ग्राम प्रधान सोहनवीरी की हत्या कर दी गई। दामाद दीपक ने साजिश रचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। इसका खुलासा करने में 15 दिन पुलिस को लग गए। पुलिसकर्मियों की घटती संख्या और बेहतर पुलिसिंग न होने के चलते अपराधी वारदात कर खुली चुनौती दे रहे हैं। उनका दुस्साहस बढ़ता जा रहा है।
एक महीने में मेरठ में 20 से ज्यादा हत्या की वारदात हो चुकी हैं। पुलिस कमिश्नरेट होने से पुलिसकर्मियों की संख्या, संसाधन बढ़ जाएंगे और कानून व्यवस्था बेहतर हो जाएगी।


पुलिस कमिश्नरेट लागू होने से पुलिसिंग और बेहतर हो जाएगी। आर्म्स एक्ट और गुंडा एक्ट जैसी कार्रवाई पुलिस सीधी कर सकती है। प्रशासनिक अधिकारियों का हस्तक्षेप कम हो जाएगा। मेरठ में पुलिस कमिश्नरेट की जरूरत बहुत ज्यादा है। अधिकारी ज्यादा होंगे और पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
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दीपक त्यागी, सेवानिवृत डिप्टी एसपी
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प्रदेश में जहां-जहां पर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू हुई है, वहां बेहतर पुलिसिंग हो रही है। अधिकारियों और पुलिस फोर्स की संख्या बढ़ने से कानून व्यवस्था पर ज्यादा काम होगा। मेरठ में पुलिस कमिश्नरेट बनने से वेस्ट यूपी के अन्य जनपदों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
हरशरण शर्मा, सेवानिवृत डिप्टी एसपी
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