आरोपी महेंद्र बोला कि वर्ष 2001 में यमुना नदी के खादर में ट्रैक्टर चला रहा था। इसी समय एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ यमुना नदी में कूदकर आत्महत्या करने लगी। उसने महिला व तीनों बच्चों को बचाया था। उसकी दुखभरी कहानी सुनकर उसने महिला से मंदिर में शादी कर ली थी। तीनों बच्चों को अपने साथ रखा। उनकी परवरिश की। पत्नी की टीबी से मौत हो गई। जिसके बाद पत्नी के भाई ने उसका मकान हड़पने के लिए तीनों बच्चों को बहला फुसला कर उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। वह बेगुनाह है, उसने किसी से दुष्कर्म नहीं किया।
जेल जाते हुए कहा, कर दूंगा हत्या
कोर्ट से हवालात जाते समय अभियुक्त महेंद्र बोला कि जिस दिन वह जेल से छूटकर बाहर आएगा, सबसे पहले पत्नी के भाई की गर्दन काटकर हत्या कर देगा। उसने उसका परिवार बर्बाद कर दिया है। उसने यह भी कहा कि जब तक अपने दुश्मन की हत्या नहीं कर देगा, वह दाढ़ी नहीं कटवाएगा। उसने दाढ़ी भी बढ़ा रखी है।
मामा के पास रहती हैं दोनों बहनें
एडीजीसी सुरेंद्र यादव ने बताया कि दोनों बहने अपने मामा के पास रहती हैं। मामा ने ही आरोपी को सजा दिलाने के लिए कोर्ट में पैरवी की। वह हर तारीख पर कोर्ट आता था, लेकिन जिस दिन सजा सुनाई गई, वह कोर्ट नहीं पहुंचा।
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