मोहल्ला मुन्नालाल निवासी दलित मासूम आसू (12 वर्ष) शाम 5 बजे के आसपास घर से निकला था। रात 8.30 बजे के आसपास उसका अर्धनग्न शव बस स्टैंड पुलिस चौकी से सटे स्कूल और मंदिर परिसर में पडा मिला। हत्यारों ने बहुत ही क्रुरता के साथ ईटों से चेहरे पर वार कर मौत के घाट उतार दिया। मृतक मंदबुद्धि था। सूचना पर पहुंचे लोगों ने शव को मुख्य मार्ग पर रख जाम लगा दिया।
स्थिति विस्फोटक होते देख आसपास के थानों से पुलिस फोर्स बुला ली गई। थाना प्रभारी सुधीर कुमार जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासा कर हत्यारों को गिरफ्तार करने तथा आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वसान देने पर जाम खोला। पुलिस ने शव को सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एस पी देहात ने भी थाने पहुंच घटना की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
मोहल्ला मुन्नालाल निवासी मुलखराज मजदूरी करता है। उसके तीन पुत्र हैं। जिसमें सबसे छोटा आसू (उम्र लगभग 12 वर्ष) था। परिजनों ने बताया कि देर शाम 5 बजे के आसपास आसू अपने घर से निकल गया था। देर शाम तक वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों से उसकी तलाश शुरु की। अभी उसको तलाश किया ही जा रहा था कि किसी ने परिजनों को बताया कि उसका शव पुलिस चौकी के पास स्थित स्कूल और मंदिर परिसर में नाले के पास पडा है। जिस पर परिजन दौड़कर वहां पहुंचे तो पाया कि आसू का रक्तरंजित शव वहां पर पडा था। किसी ने उसकी हत्या ईटों से सिर और चेहरे को कुचलकर निर्दयता और क्रुरता से कर रखी थी।
जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। काफी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई। थाना प्रभारी सुधीर कुमार भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे तथा शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया। लेकिन गुस्साएं लोगों ने शव को पुलिस चौकी के सामने मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। स्थिति विस्फोटक होते देख आसपास के थानों से पुलिस फोर्स बुला ली गई। वहीं थाना प्रभारी सुधीर कुमार ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया तथा आश्वासन दिया कि शीघ्र ही हत्याकांड का खुलासा कर हत्यारों को गिरफ्तार करेंगे तथा अधिक से अधिक आर्थिक सहायता दिलाने के आश्वासन पर जाम खोला तथा शव पुलिस के सुपुर्द किया। जिसके बाद पुलिस पंचनामा भरने और कार्रवाई में तेजी से जुट गई।
गार्ड डयूटी से रहता है नदारद
जिस स्थान पर हत्या की गई है बताया गया है कि वहां स्कूल वालों की ओर से चौकीदार भी तैनात कर रखा है। लेकिन वह अधिकांश डयूटी से नदारद रहता है। वहीं स्कूल और मंदिर परिसर के बीच में काफी लंबा चौड़ा खुला मैदान में है। प्रतीत होता है कि बच्चे की हत्या टीन शेड़ के खुले कमरे में की गई तथा उसके बाद शव को खींचकर नाले के पास वाले किनारे पर डाला गया। अंदेशा है कि हत्यारों का इरादा बच्चे के शव को नाले में डालने का रहा होगा। लेकिन चारो और मकान तथा आबादी होने के कारण मौका नहीं मिला।
किसी से नहीं थी दुश्मनी
परिजनों का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। बच्चा मंदबुद्धि भी था। ऐसे में लोगों को अंदेशा है कि कहीं हत्यारों ने मासूम के साथ गलत हरकत करने का प्रयास किया हो तथा शोर मचाने पर उसकी हत्या कर दी हो। क्योंकि अर्धनग्न शव देखने से भी आंशका इसी ओर जाती है। थाना प्रभारी सुधीर कुमार ने इससे इंकार किया है तथा कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ तौर से कुछ कहा जा सकेगा।
चारों तरफ है आबादी
जिस स्थान पर हत्या की गई वहां पर मुख्य मार्ग पर टैक्सी स्टैंड़ तो चारो ओर आबादी व मकान है तथा लगी हुई पुलिस चौकी है। ऐसे में हत्यारों ने जब ईंटो से कुचलकर हत्या की होगी तो बच्चा अवश्य ही चिल्लाया भी होगा। लेकिन किसी को मासूम की आवाज क्यों सुनाई नहीं दी। वहीं हत्यारा अवश्य ही शातिर है क्योंकि कोई नया व्यक्ति पुलिस चौकी के पास इस प्रकार हत्या करने का साहस नहीं जुटा सकता है।