न सास को दया आई न ससुर के हाथ कांपे
फुटेज में नजर आ रहा है कि जब पिंकी को लग गया कि अमित अब जिंदा नहीं है तो उसने पहले उसी फंदे को अपने गले में डालने की कोशिश की लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं हुई। इसके बाद उसने कटर से अपने हाथ की नस काट ली और अमित के साथ लिपटकर रोने लगी। इस सारे वाकये के दौरान अमित की मां कोने में खड़ी चुपचाप सब देखती रही। इसी दौरान आठ माह की पोती इक्कावीरा को गोद में लेकर रामकिशन वहां पहुंच गए। उन्होंने जाते ही अमित के शव से लिपटी लहूलुहान पिंकी को बुरी तरह लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद रामकिशन ने जमीन पर पड़ा कटर उठा लिया। फुटेज में यहीं से धुंधलापन है। लेकिन मौका-ए-वारदात का सीन यह स्पष्ट कर रहा है कि रामकिशन द्वारा उठाया गया कटर फेंका नहीं गया था। पिंकी की गर्दन पर उसी से वार किए गए। क्योंकि पहली फुटेज में पिंकी ने सिर्फ अपने हाथ की नस काटी, गर्दन पर वार रामकिशन ने ही किए।
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नोएडा के अस्पताल में वेंटिलेटर पर पहुंची पिंकी
हाथ की नस और गर्दन पर हुए वार के चलते पिंकी चार दिन से नोएडा जेपी हॉस्पिटल में मौत से लड़ रही है। गुरुवार को उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। देर रात तक डॉक्टर कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं थे।