घिनौने गिरोह की करतूत उजागर करने वाली बहादुर बिटिया और उसके परिवार को चंद घंटों के लिए सुरक्षा देकर हटा ली गई। जिससे परिवार खौफ में है। इस हाईप्रोफाइल मामले को बहुत हल्के में ले रही पुलिस को इस बात की भी फिक्र नहीं है कि यदि बिटिया या उसके परिवार के साथ कोई अनहोनी हो गई तो कौन जिम्मेदार होगा।
बिटिया और उसके परिजनों का कहना है कि आरोपियों का चेहरा उजागर होने के बाद से उनके मकान के सामने कुछ संदिग्ध लोग बाइक और स्कूटी से घूमते हैं, जिससे हम दहशत में है। पुलिस से सुरक्षा मांगी थी, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। जो सुरक्षा मिली, उसे भी चंद घंटों बाद ही हटा लिया गया।
यह बात बृहस्पतिवार को उस समय सामने आई जब भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत शारदा कार्यकर्ताओं के साथ बिटिया के घर पहुंचे। पीड़ित परिवार का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिस दिन राज्यमंत्री उनके घर आए थे, उस दिन तो पुलिस घर पर तैनात रही। लेकिन अगले दिन ही पुलिस सुरक्षा हटा ली गई। भाजपा नेता विनीत शारदा का कहना है कि ड्रग्स स्कैंडल का बिटिया ने बड़ा खुलासा किया है। आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो भाजपा सड़कों पर पुलिस के खिलाफ उतरेगी। बिटिया को इंसाफ दिलाया जाएगा।
सिद्धार्थ की तलाश, साकिब को भूली पुलिस
मेरठ। मेडिकल थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को नामजद आरोपी सिद्धार्थ गुर्जर की तलाश में दबिश दी। उसके घर पर मौजूद दो रिश्तेदारों को पुलिस ने उठाकर पूछताछ की। पुलिस आरोपी साकिब सिद्दीकी को भूली हुई है। पुलिस ने उसके घर पर एक बार भी दबिश नहीं दी। साकिब एक कद्दावर नेता के संरक्षण में छिपा हुआ है। इसकी जानकारी पुलिस को है, जिसके चलते पुलिस दबिश देने तक की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। हालांकि एसओ मेडिकल का कहना है कि दोनों आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है।