प्रदीप त्यागी हत्याकांड में हत्यारोपियों की गिरफ्तारी करने में नाकाम मेरठ पुलिस को राज्य चुनाव आयुक्त को जमकर फटकार लगाई है। आयोग के कड़े रुख के चलते डीआईजी बृहस्पतिवार को रासना गांव स्थित घटनास्थल पर पहुंचे और एसओ सरूरपुर की क्लास ली। डीआईजी ने हत्यारोपियों पर दबाव बनाने के लिए गैर जमानती वारंट और कुर्की की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है प्रधान पद के दावेदार रोहटा ब्लॉक के रासना गांव निवासी प्रदीप त्यागी (45) पुत्र सूरजमल की विगत सोमवार शाम गांव के ही दूसरे दावेदार निगम त्यागी, राहुल उर्फ काला और समंदर ने गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। हत्यारोपी समंदर को भीड़ ने पीटकर मौत के घाट उतार दिया था।
जबकि बाकी दोनों आरोपी फरार हो गए थे। प्रदेश में प्रधानी चुनाव की रंजिश के लिए मेरठ में हुई पहली हत्या की घटना की गूंज राज्य चुनाव आयोग तक पहुंची। घटना के तीन दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी करने में नाकाम रही मेरठ पुलिस को राज्य चुनाव आयुक्त एसके अग्रवाल ने आड़े हाथों ले लिया।
उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और शीघ्र गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए। चुनाव आयोग के अलावा डीआईजी आशुतोष कुमार ने भी हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर एसएसपी, एसओ सरूरपुर और सीओ सरधना के प्रति नाराजगी जताई। डीआईजी ने घटनास्थल पर पहुंचकर एसओ सरूरपुर तेज सिंह यादव से अब तक की प्रगति पूछी। एसओ को हत्यारोपियों पर इनाम घोषित करने, गैर जमानती वारंट लेने और कुर्की की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए।
हिट लिस्ट में मेरठ
आगामी प्रधानी के चुनाव में उत्तर प्रदेश में दावेदार की हत्या का पहला मामला मानते हुए मेरठ चुनाव आयोग की हिट लिस्ट में आ गया है। आयोग पूरे मामले में बेहद गंभीर है। पुलिस को खास दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि प्रधानी का चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में कराया जाए।