मुजफ्फरनगर। आसाराम बापू के रसोइये अखिल गुप्ता की हत्या में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बापू के ही दो चेलों ने महज 30 हजार रुपये में अखिल की जान ले ली थी।
गवाहों पर हमलों की साजिश के सूत्रधार वासु और ज्योति ने अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के सामने यह राज उगला है। हालांकि असली कातिलों तक अभी पुलिस नहीं पहुंच पाई है। यह भी हैरतअंगेज है कि नौ माह पहले हुए सनसनीखेज मर्डर में स्थानीय पुलिस कोई सुराग लगा पाने में नाकाम रही है।
बंगलूरू से हिरासत में लिए गए दंपति सेजल उर्फ ज्योति प्रजापति और वासु से पूछताछ में मिली जानकारियां चौंकाने वाली हैं। देश में कई जगह गवाहों पर हुए हमले की साजिश में बड़ी रकम का इस्तेमाल नहीं हुआ है। दस साल तक अहमदाबाद आश्रम में आसाराम का रसोइया रहे शहर के नरेश गुप्ता के बेटे अखिल की सिर्फ 30 हजार रुपये में जान ले ली गई।
बापू और उनके बेटे नारायण साईं के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमों में गवाह बने पुराने अनुयाइयों को रास्ते से हटाने की योजना सूरत आश्रम में बनाई गई थी। सूरत आश्रम के संचालन का जिम्मा जिस प्रवीण नाम के युवक पर था, उसी ने पूरा प्लान बनाया और हत्यारों को तैयार किया।
अखिल गुप्ता सूरत की दो बहनों द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में सरकारी गवाह बन गया था। प्रवीण ने बापू के दो चेलों दिल्ली के संजय उर्फ अंकित एवं इलाहाबाद के कार्तिक को औरंगाबाद बुलाया और अखिल को ठिकाने लगाने का जिम्मा दिया।
उन्हें दो बार में 30 हजार रुपये की रकम दी गई। 11 जनवरी को हत्या से दो दिन पहले प्रवीण खुद दिल्ली आया था और 20 हजार रुपये उसी दिन दे गया। दस हजार रुपये औरंगाबाद में ही अदा कर दिए गए थे। दिल्ली के पटपड़गंज इलाके में कातिलों की यह मुलाकात हुई थी।
हथियारों और बाइक का इंतजाम संजय ने किया था। पहले से ही अखिल की दिनचर्या की रेकी कर ली गई थी। संजय और कार्तिक ने अखिल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। क्राइम ब्रांच ने वासु और ज्योति से गवाहों पर हुए जानलेवा हमले की साजिश से पर्दाफाश तो कर दिया, लेकिन अखिल गुप्ता के कातिल अभी भी पुलिस के शिकंजे से बचे हुए हैं।
सूरत आश्रम का संचालक प्रवीण भी फरार है। प्रवीण की गिरफ्तारी से ही यह साफ होगा कि गवाहों की हत्या और हमले किसके इशारे पर किए गए।
क्राइम ब्रांच अहमदाबाद के विवेचक सीबी चौधरी ने बताया कि दंपति सेजल और वासु के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अखिल गुप्ता के हत्यारों संजय और कार्तिक की गिरफ्तारी के लिए देशभर में छापामारी की जा रही है। सूरत आश्रम के संचालक प्रवीण की तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम भेजी गई है।
हैरतजनक यह है कि नई मंडी थाना क्षेत्र में 11 जनवरी को जानसठ रोड स्थित गीता एन्कलेव स्थित घर लौटते हुए अखिल गुप्ता की हत्या हुई थी, लेकिन आज तक मुजफ्फरनगर पुलिस इस मामले में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है।
खानापूर्ति कर पुलिस ने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। हाईप्रोफाइल अखिल मर्डर केस में पुलिस के आला अफसर भी चुप्पी साधे हुए हैं। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के हत्थे दमनद्वीप की सेजल और कर्नाटक के बीजापुर निवासी वासु नहीं चढ़ते तो अखिल की हत्या के पीछे का राज सामने नहीं आ पाता।