कोचुवेली-देहरादून एक्सप्रेस में बीती 20 मार्च को हुए खूनी संघर्ष और हत्या में जीआरपी ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें आठ आरोपी शामली तो एक बागपत का निवासी है। संघर्ष का कारण ट्रेन में सीट पर बैठने को लेकर विवाद बना था। इस सनसनीखेज प्रकरण में छह आरोपियों की तलाश है।
एसपी जीआरपी वैभव कृष्ण ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि चलती ट्रेन में हुई यह घटना बेहद गंभीर थी। जिसके खुलासे के लिए सीओ जीआरपी गाजियाबाद के नेतृत्व में पांच टीमों में सर्विलांस एक्सपर्ट समेत 100 कर्मचारी लगे थे। कोचुवेली से शोरानुर, दिल्ली निजामुद्दीन और गाजियाबाद स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पीड़ितों को दिखाकर आरोपियों की पहचान कराई गई। इन विभिन्न स्टेशनों से मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, रुड़की जाने वाले यात्रियों की सूची ली गई। इसके अलावा मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली के करीब 350 गांवों में जाकर जांच पड़ताल की गई। जहां से पता चला कि यहां के कुछ लोग केरल में टावर लगाने, कपड़े बेचने और कारीगरी का काम करने जाते हैं।
करीब 2500 लोगों से पूछताछ में पता चला कि जिस ट्रेन में घटना हुई, उसमें शामली जनपद के लांक निवासी करीब 13 लोगों का केरल से आते समय ट्रेन के जनरल कोच में सहारनपुर निवासी यात्रियों से झगड़ा हुआ था। इनमें बागपत के टीकरी दोघट का एक कपड़ा विक्रेता भी शामिल था। सोमवार शाम मेरठ, शामली और मुजफ्फरनगर की जीआरपी टीमों ने शामली और बागपत में एक साथ दबिश देकर नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना में शामली के छह अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। एडीजी रेलवे जीएल मीणा ने जीआरपी टीम को 20 हजार जबकि एसपी जीआरपी ने पांच हजार का पुरस्कार दिया है। जीआरपी कांस्टेबल मोहित और गजेंद्र को अलग से 5-5 हजार का पुरस्कार दिया गया है।
यह रहा घटना का कारण
एसपी जीआरपी के अनुसार फेरी लगाकर कपड़ा बेचने वाले शामली और बागपत के एक दर्जन से ज्यादा लोग केरल के कोट्टायम और त्रिचूर रेलवे स्टेशन से 18 मार्च को कोचुवेली-देहरादून एक्सप्रेस के जनरल कोच में चढ़े थे। इन्होंने ऊपर की सीटों पर कपड़े की गठरी और बैग आदि रखे और नीचे की सीट पर बैठ गए थे। सोरानूर रेलवे स्टेशन पर सहारनपुर जनपद के बढ़ई गिरी का काम करने वाले नासिर आदि एक दर्जन लोग चढे़ थे। ऊपर की सीट पर सोने को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। अगले दिन पनवेल स्टेशन से हरप्रीत सिंह नामक सिख युवक और बसाई स्टेशन से हरिद्वार निवासी जसविंद्र सवार हुए और ऊपर वाली सीट पर बैठ गए थे।
रात में उनका भी शामली के यात्रियों से सीट पर बैठने को झगड़ा हुआ। सहारनपुर के यात्री सिख युवकों की तरफ से बोले तो सहारनपुर और शामली निवासी दोनों पक्षों के इन यात्रियों के बीच कोटा में जमकर मारपीट हुई। शामली और बागपत के कपड़ा विक्रेताओं ने अपने परिचितों को फोन कर मेरठ सिटी स्टेशन पर बुला लिया था। जहां से सभी ट्रेन में चढ़ गए और सहारनपुर के नासिर आदि पर मेरठ कैंट स्टेशन से थोड़ा पहले ही हमला बोल दिया था। नासिर पक्ष के लोगों के पास पेचकस, बसोसा, हथौड़ा, रापी आदि औजार थे। हमलावरों ने वही औजार उनसे छीनकर उन पर वार किए, जिसमें नासिर पुत्र पुत्र इरशाद निवासी ग्राम पीकी सहारनपुर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसके करीब एक दर्जन साथी घायल हो गए थे ।
गिरफ्तार आरोपी
रेशु पुत्र विजय सिंह, संदीप पुत्र ओमपाल सिंह, गुल्लू उर्फ पंकज पुत्र रोहताश, विकास उर्फ चेता पुत्र ओमपाल, सोमवीर पुत्र चंद्रभान, ओमवीर पुत्र चंद्रभान, हीरालाल पुत्र सोमपाल, राजकुमार उर्फ राजा पुत्र गरीब दास (सभी निवासी लांक शामली), कमल पुत्र राकेश निवासी मेनमाना टीकरी दोघट बागपत।