फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तान से नकली नोटों की सप्लाई का उस्ताद है इकबाल काना

Mon, 07 Dec 2015 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
विज्ञापन
वेस्ट यूपी में आतंकी गतिविधियों की साजिश मुजफ्फरनगर का शातिर अपराधी इकबाल उर्फ ‘काना’ पाकिस्तान में बैठकर बुन रहा है। इकबाल का नकली करेंसी का धंधा उत्तर भारत में फैला है, इसकी जानकारी जांच एजेंसियों को भी है। इजाज समेत कई पाक जासूसों से इकबाल के संपर्क होने की बात जांच एजेंसियों की पूछताछ में सामने आई है।
विज्ञापन


पाक जासूस इजाज से पांच दिन से लगातार सदर बाजार थाने में कई जांच एजेंसियां पूछताछ कर चुकी है। सबका एक सवाल था कि  इजाज को भारत में पनाह देना वाला कौन है और यहां की तमाम जानकारी उसको कैसे है। इसका खुलासा खुफिया विभाग के इंस्पेक्टर ने किया। रविवार को इंस्पेक्टर ने इकबाल उर्फ ‘काना’ का नाम इजाज के सामने लिया। जिसको सुनकर इजाज सन्न रह गया।

खुफिया विभाग की टीम की पूछताछ में इजाज ने इकबाल को पहले से ही जानने की बात स्वीकार कर ली। इसकी जानकारी लगने पर जांच एजेंसी के होश भी उड़ गए। अंदेशा जताया कि इजाज समेत कई पाक जासूसों का संपर्क इकबाल से है। इकबाल मुजफ्फरनगर के कैराना कस्बे का निवासी है। जोकि देश में नकली करेंसी केधंधे का सबसे बड़ा सप्लायर है। बीस साल से काना पाकिस्तान में बैठकर उत्तर भारत केखिलाफ आतंकी साजिश का जाल बुन रहा है।
विज्ञापन


नक्शा बनाकर देता था
जांच एजेंसियों ने बताया कि इकबाल काना उत्तर भारत के नक्शे बनाकर पाक जासूसों को देता है। कई जासूसों की गिरफ्तारी के दौरान ये नक्शे बरामद हुए हैं। इजाज से भी उत्तर भारत का नक्शा मिला। जिसकी जांच फारेंसिक लैब से कराई जा रही है। पूछताछ में इजाज से सवाल किया गया कि उसको इकबाल ने तो नक्शा नहीं दिया। इसकी जांच होना अभी बाकी है।

जासूसों का मास्टर है इजाज
जांच एजेंसियों की पूछताछ में साफ हुआ है कि इजाज लोकल और पाक  जासूसों का मास्टर है। जोकि आईएसआई के नापाक इरादों को पूरा करने के लिए भेजा गया था। पांच साल रहकर इजाज ने जासूसों का दस्ता जोड़ने के साथ साथ कई आर्मी की गोपनीय जानकारी पाकिस्तानी भेजी। जासूस के संपर्क में 44 लोग है, जिनमें 15 आईएसआई के लिए पहले भी काम कर चुकेहै। इसका खुलासा भी जांच एजेंसियों ने किया था।

कौन है इकबाल उर्फ ‘काना’
इकबाल ‘काना’ गठरी का काम था। 1990 से 1995 में पाक का फर्जी पासपोर्ट और नकली करेंसी में उसका नाम सामने आया था। उसके बाद वह अपने पत्नी और बच्चों के साथ गायब हो गया। जबकि उसके परिवार के अन्य लोग आज भी मुजफ्फरनगर के कैराना में रहते हैं। उसके बाद उत्तर भारत में नकली करेंसी का नाम आते ही देश की तमाम एजेंसी की नजर इकबाल पर जाने लगी। दिल्ली समेत कई जिलों की टीमें कैराना में जाती रहती हैं, जहां उसके परिजन इकबाल को पाकिस्तान जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। 1999 में इकबाल का रिश्तेदार कैराना में नकली करेंसी में पकड़ा था। जिसने पुष्टि की पाकिस्तान में बैठा इकबाल का नकली करेंसी का धंधा है। उसके बाद 2001, 2005 और 2009 में कई जनपदों में नकली करेंसी पकड़ी, जिसमें इकबाल का नाम सामने आया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें