बागपत में बिनौली थाना क्षेत्र के एक गांव में डेढ़ साल पहले चार साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में 50 वर्षीय अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। एडीजे प्रथम एवं विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट में फैसला सुनाया गया।
डीजीसी सुनील पंवार और एडीजीसी राजीव कुमार ने बताया कि बिनौली थाना क्षेत्र के एक गांव में 21 जनवरी 2018 की सांय साढ़े तीन बजे 50 वर्षीय कृष्ण पड़ोस में रहने वाली चार साल की मासूम बच्ची को दुकान से मूंगफली दिलाने के बहाने अपने घर पर ले गया। वहां उसने मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर परिजन घटना स्थल पर पहुंचे तो आरोपी परिजनों को देख भाग गया। परिजन बच्ची को थाने ले गए। पुलिस ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया। बच्ची के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी कृष्ण के खिलाफ धारा 376 आईपीसी एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। यह मुकदमा एडीजे प्रथम एवं विशेष न्यायालय पॉक्सो शैलेंद्र पांडेय की कोर्ट में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। बुधवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने अभियुक्त कृष्ण को आजीवन कारावास की सजा एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही जुर्माना नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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हाईकोर्ट में करेंगे अपील
आरोपी बोला, उसने किसी के साथ दुष्कर्म नहीं किया है। वह भट्ठे पर मजदूरी करता था। घर में पत्नी और बहन रहती है। उसके कोई औलाद नहीं है। बच्ची के परिजनों ने उसे झूठा फंसा दिया। वह हाईकोर्ट में अपील करेगा।
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