बरनावा से एमएलए का चुनाव लड़े थे सुधीर राठी
सुधीर राठी की सियासत की उड़ान अधूरी ही रही। वर्ष 1993 के विधानसभा चुनाव से पहले चौगामा क्षेत्र की पंचायत में सुधीर राठी को बरनावा सीट से रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ाने का फैसला हुआ था। मगर, रालोद ने टिकट सतेंद्र सोलंकी को दिया। हालात ऐसे बने कि मतदान नजदीक आते ही रालोद अध्यक्ष अजित सिंह ने समर्थन सुधीर राठी को दे दिया था। सतेंद्र सोलंकी और सुधीर राठी के बीच कांटे का मुकाबला हुआ, लेकिन यहां से भाजपा के त्रिपाल धामा को जीत मिल गई थी। टीकरी नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए वह एक चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। नगर पंचायत चुनाव से ही उनके साथ रंजिश शुरू हुई थी।
किस धारा में किसको क्या हुई सजा
- अभियुक्त अविनाशी, राजीव, ऋषिपाल, भीम सिंह उर्फ लाला को धारा 307, 504 में दोषमुक्त किया गया।
- अभियुक्त अविनाशी, राजीव, ऋषिपाल, भीम सिंह उर्फ लाला को धारा 147 और 148 में में दोषी पाया गया। एक-एक साल का सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड नहीं देने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास।
- अभियुक्त अविनाशी, राजीव, ऋषिपाल, भीम सिंह उर्फ लाला को धारा 302 में सश्रम आजीवन कारावास एवं 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड नहीं देने पर चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
- अभियुक्त अविनाशी, राजीव, ऋषिपाल, भीम सिंह उर्फ लाला को धारा 25 आयुध अधिनियम में एक-एक साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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