मेरठ जिले में करीब ढाई साल पहले हुई भगत सिंह मार्केट के प्रधान नईम गाजी की निर्मम हत्या के मामले में साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने सभी सातों आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) एडीजे सुनील कुमार श्रीवास्तव की अदालत में सुनवाई चल रही थी। सभी गवाह अपने बयानों से मुकर गए।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 12 दिसंबर 2016 को नईम गाजी स्कूटर से अपने पार्टनर आनंद शर्मा के घर गए थे। लापता होने पर भाई अदनान ने कोतवाली थाने में गुमशुदगी लिखवाई थी। 13 दिसंबर को नईम का स्कूटर सिटी स्टेशन पर मिला था। उसके चलते मुकदमे में अपहरण की धारा बढ़ी थी। 20 दिसंबर को नईम का शव टुकड़ों में बोरी में रुड़की रोड स्थित पीएसी के पास नाले में मिला। उस समय लाश को देखकर पुलिस अधिकारी भी कांप गए थे। इस सनसनीखेज वारदात से सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने नामजद आनंद समेत सभी आरोपियों को जेल भेजा था।
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वहीं पुलिस ने चार्जशीट में 26 गवाह बनाए। न्यायालय ने सभी स्वतंत्र गवाहों के पक्षद्रोही होने और आरोपियों के खिलाफ कोई स्पष्ट गवाह न होने पर सातों आरोपियों अभिषेक शर्मा उर्फ हैप्पी, आनंद प्रकाश शर्मा, सरला देवी, करिश्मा शर्मा, विशाल शर्मा, रमाशंकर तिवारी, दीपक कुमार उर्फ दिनेश को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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