शुक्रवार रात को अब्दुल्लापुर में भावनपुर पुलिस ने दी थी दबिश
पुलिस ने अधिवक्ता को पीटकर हवालात में किया बंद
वकीलों ने थाने से लेकर एससपी ऑफिस तक किया बखेड़ा
एक दरोगा और तीन सिपाहियों पर रिपोर्ट दर्ज, निलंबन की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। भावनपुर पुलिस को शुक्रवार रात एक वकील को पीटना और हवालात में बंद करना महंगा पड़ गया। शनिवार को सौ से ज्यादा वकीलों ने थाने से लेकर एसएसपी ऑफिस तक हंगामा और नारेबाजी की। कहा कि आरोपी पुलिसकर्मी निलंबित नहीं हुए तो पुलिस-प्रशासन जिम्मेदार होग। वकीलों के आक्रोश को देखते हुए एसएसपी ने दरोगा और तीन सिपाहियों के खिलाफ भावनपुर थाने में केस दर्ज कराया है।
भावनपुर क्षेत्र के अब्दुल्लापुर निवासी वकील जयप्रकाश शुक्रवार शाम अब्दुल्लापुर अपने गांव जा रहे थे। रास्ते में महिपाल से कहासुनी हो गयी थी, जिसके बाद मामला समाप्त हो गया और वह अपने घर जाकर सो गए। आरोप है कि रात करीब 10:30 बजे दरोगा विनोद कुमार, सिपाही अंकित कुमार व दो सिपाहियों के साथ वकील जयप्रकाश के घर पर पहुंचे और उनकी पिटाई कर दी। जय प्रकाश के बताने पर कि वह अधिवक्ता हैं तो दरोगा ने उन्हें थाने लाकर हवालात में डाल दिया। बाद में भावनपुर एसओ विनय कुमार थाने पहुंचे तो उन्होंने जयप्रकाश को हवालात से निकलवाकर परिजनों की सुपुर्दगी में दिया।
आरोप है कि शनिवार सुबह वकील जयप्रकाश को दरोगा विनोद कुमार व अंकित ने फोन पर धमकी दी कि अगर कुछ भी करने की कोशिश तो अंजाम भुगतना होगा। जिसके बाद जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव नागर व महामंत्री प्रवीन सुधार के नेतृत्व में वकीलों ने एसएसपी कार्यालय पर हंगामा किया। एसएसपी नितिन तिवारी के सामने पुलिस ऑफिस में नारेबाजी कर दी। एसएसपी ने वकीलों को शांत कराने की कोशिश की तो वकील भड़क गए। कहा कि दरोगा और आरोपी सिपाही निलंबित चाहिए। एसएसपी ने कहा कि वह सीओ से जांच करा रहे हैं। आरोपी पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया जाएगा। जिसके बाद वकील शांत हुए। बाद में पुलिस ने पीड़ित अधिवक्ता का मेडिकल कराया। इस दौरान पूर्व महामंत्री प्रबोध शर्मा, गिरजेश मलिक, विरेन्द्र कुमार, पीके तोमर, नीरज त्यागी, सुशील शर्मा, माजिद अली, सुनील राणा आदि शामिल रहे।
पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज
एसओ भावनपुर विनय कुमार ने बताया कि अधिवक्ता जयप्रकाश की तहरीर पर दरोगा विनोद कुमार व तीन सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं, जयप्रकाश ने अपने पड़ोसी महिपाल के साथ मारपीट की थी। जिस पर पीड़ित की तहरीर पर मनु पुत्र ओमी के खिलाफ मारपीट और धमकी देने के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए वकील को घर पर दबिश देकर हिरासत में लिया था।