मेरठ। मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 अप्रैल को अघोषित भारत बंद और 14 अप्रैल को डॉ. आंबेडकर जयंती पर कड़ी सुरक्षा रहेगी। शासन-प्रशासन की मंशा है कि ये दोनों दिन बिना किसी तनाव के गुजरें। कानून और शांति व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए लगातार मंथन हो रहा है। प्रदेश के पुलिस मुखिया ओपी सिंह स्वयं सुबह, दोपहर और शाम को सभी जिलों से अपडेट ले रहे हैं।
दरअसल खुफिया विभाग ने पुलिस-प्रशासन और शासन को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें 10 और 14 अप्रैल को फिर से उपद्रव का अंदेशा जताया गया है। एससी-एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर बीती दो अप्रैल को वेस्ट यूपी के कई जिलों में हिंसा हुई थी। पुलिस-प्रशासन ने स्थिति को बमुश्किल नियंत्रित किया था। लेकिन तनावपूर्ण माहौल और गहमागहमी को देखते हुए प्रशासन से लेकर शासन स्तर पर चिंता बनी हुई है। हालांकि 10 अप्रैल के बंद का प्रचार केवल सोशल मीडिया पर चल रहा है और कोई भी संगठन इस बाबत आगे नहीं आया है। लेकिन दो अप्रैल को हुए उपद्रव के बाद बनीं परिस्थितियों को लेकर सरकार किसी तरह का भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है। इसी के चलते सुरक्षा के भारी भरकम इंतजाम किए जा रहे हैं।
तीनों जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा
दो अप्रैल को सबसे ज्यादा उपद्रव मेरठ, हापुड़ और मुजफ्फरनगर में हुआ था। खुफिया रिपोर्ट में भी इन तीनों जिलों में खास एहतियात बरतने की बात कही गई है। इस कारण 10 और 14 अप्रैल को ये तीनों जिले अलर्ट पर हैं। पुलिस अफसरों के अनुसार मेरठ में 400, हापुड़ में 150 और मुजफ्फरनगर में 250 पुलिसकर्मियों की अलग से तैनाती रहेगी। आरएएफ और पीएसी की भी अतिरिक्त कंपनियां रहेंगी। शासन ने नौ अप्रैल को ही सभी जनपदों में फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
बवाल न हो, जयंती मनाएं
कुछ लोग डॉ. आंबेडकर जयंती पर पुलिस पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाकर राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं। ऐसी रिपोर्ट भी पुलिस को मिली है। इस पर शासन ने निर्देश दिए हैं कि बेवजह किसी को परेशान न किया जाए, इस पर पुलिस पूरा ध्यान दे। हर काम कानून के दायरे में रहकर किया जाए। सभी जगह डॉ. आंबेडकर जयंती शांतिपूर्वक मनाई जाए।
माहौल बनाओ, ताकत दिखाओ
प्रदेश सरकार और पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने साथ ही कहा है कि किसी भी हालत में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। इसके लिए सख्त कदम भी उठाए जाएंगे। शासन के निर्देशों के तहत पुलिस और प्रशासनिक अफसर पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ सुबह-शाम पैदल मार्च कर लोगों में सुरक्षा का माहौल बनाने के साथ अपनी ताकत भी दिखाएं। पुलिस ज्यादा से ज्यादा लोगों को विश्वास में ले, ताकि कहीं पर भीड़ न जुट सके। अपना सूचना तंत्र मजबूत रखे। अफवाहें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
हमारे सुरक्षा इंतजाम पूरे
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार का कहना है कि जोन के सभी जिलों में शांति है। 10 और 14 अप्रैल को सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं। कानून व्यवस्था कायम रहेगी, इस पर पुलिस का जोर है। उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जाएगा। डॉ. आंबेडकर जयंती धूमधाम से मनेगी।
खास बातें:
- डीजीपी ओपी सिंह स्वयं ले रहे सुबह, दोपहर और शाम अपडेट
- मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़ में 10 अप्रैल और डॉ. आंबेडकर जयंती पर अतिरिक्त सुरक्षा
- कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन ने झोंकी ताकत