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पुलिस गांव रानी नंगला के युवकों के साथ समुदाय विशेष की भीड द्वारा किए गए जानलेवा के मामले में चार आरोपियों को जेल भेजने के बाद इ

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मवाना।
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गांव रानी नंगला के दो युवकों के साथ समुदाय विशेष की भीड़ द्वारा किए गए जानलेवा हमले में पुलिस ने चार नामजदों को जेल भेजकर इतिश्री कर ली है। पुलिस 18 दिन बाद भी शेष नामजद आरोपियों तथा चिह्नित किए गए आरोपियों में से किसी को भी गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।
उल्लेखनीय है कि इस माह के शुरूआत में ही परीक्षितगढ़ बस स्टैंड पर गांव रानी नंगला के दो युवकों के साथ समुदाय विशेष की भीड़ ने मामूली बात पर जानलेवा हमला बोल दिया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बमुश्किल भीड़ से दोनों युवकों को बचाया था। जिससे नगर में सांप्रदायिक तनाव के हालात पैदा हो गए थे तथा कई दिन तक घटनास्थल समेत नगर के सभी प्रमुख चौराहों पर पुलिस फोर्स तैनात रहा था। इस मामले में पीड़ित रोहित की ओर से 16 को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इस मामले में एसएसपी मंजिल सैनी ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मवाना पुलिस को 24 घंटे में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। उन्होंने गैंगस्टर, गुंडा एक्ट आदि के तहत कार्रवाई करने के लिए कहा था। पुलिस ने मुख्यारोपी सहित चार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था तथा तीन नाम रिपोर्ट मेें डबल हो जाने पर उनको हटा दिया था। वहीं, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 12 और लोगों को चिह्नित कर उनको भी आरोपी बना लिया था। 18 दिन व्यतीत हो जाने के बाद भी पुलिस अभी तक किसी और आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। अब तो पुलिस ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देनी भी बंद कर दी है। वहीं, नामजद कई आरोपियों के पास शस्त्र लाइसेंस हैं। जिनमें से पुलिस ने मात्र दो के ही खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई के लिए भेजा है। शेष के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं की है। लगता है पुलिस ने इस बार भी पहले की भांति सांप्रदायिक तनाव भड़काने वालों के खिलाफ कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दी है। थाना प्रभारी विजय कुमार का कहना है कि अभी और आरोपी हाथ नहीं आ सके हैं, दबिश जारी हैं। वहीं, जिन लोगों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण के लिए अर्जी लगाई थी, उसके संबंध में उनको जानकारी नहीं है।
मुख्य बातें
पुलिस अभी तक महज चार आरोपियों को ही भेज सकी जेल
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