बिल्डर संजीव मित्तल की तीन प्रॉपर्टी आयकर विभाग में निहित
मेरठ। 25 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद होने के बाद चर्चा में आए बिल्डर संजीव मित्तल की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। 35 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति पर टैक्स जमा करने के बाद अब आयकर विभाग ने उनकी तीन प्रॉपर्टी को अपने में निहित कर लिया है। जबकि इस अघोषित संपत्ति से अलग भी अभी अन्य संपत्तियों के रिकॉर्ड आयकर विभाग की जांच में सामने आ रहे हैं।
दिल्ली रोड स्थित राजकमल एंक्लेव निवासी बिल्डर संजीव मित्तल के यहां से पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 25 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद किये थे। तब संजीव मित्तल परिवार सहित फरार हो गया था। आयकर विभाग ने जांच करते हुए संजीव मित्तल को नोटिस जारी किया था। इसके बाद संजीव मित्तल कोर्ट से स्टे लेकर आया और आयकर विभाग के अधिकारियों को अपना जवाब दिया। आयकर विभाग ने भी संजीव मित्तल की मौजूदगी में उसके घर व ऑफिस की गहनता से सर्च की और तमाम रिकार्ड जब्त किए।
इस कार्रवाई के दौरान संजीव मित्तल ने आयकर विभाग को अपनी 35 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति सरेंडर कर दी। इस संपत्ति पर आयकर विभाग की विजिलेंस शाखा ने 80 प्रतिशत टैक्स की देनदारी के लिए संजीव मित्तल को नोटिस जारी किया, जो 28 करोड़ बैठता है। लेकिन संजीव मित्तल ने इस पर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया। जिसके चलते आयकर विभाग ने संजीव मित्तल की तीन प्रॉपर्टी जिसमें कोठी, आफिस व एक अन्य प्रॉपर्टी है, उसे अपने में निहित कर लिया है। वहीं दूसरी तरफ विभागीय सूत्रों के अनुसार संजीव मित्तल के यहां से जो अभिलेख मिले हैं, उसके आधार पर अभी और भी अघोषित संपत्तियां सामने आ रही हैं। जिनका आंकलन करते हुए आगे कार्रवाई की जायेगी।
वहीं दूसरी तरफ संजीव मित्तल के यहां से बरामद 25 करोड़ रुपये का मामला अभी लंबित चल रहा है। अभी तक पुलिस या आयकर विभाग यह पता नहीं लगा पाया है कि संजीव मित्तल के यहां से बरामद 25 करोड़ किसके थे। क्योंकि संजीव मित्तल पूछताछ में रुपये अपने होने से इंकार कर चुका है, लेकिन यह भी स्पष्ट नहीं कर पाया है कि इतनी बड़ी रकम उसके यहां क्यों और किस लिए रखी थी। हालांकि सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग इस मामले के भी निकट पहुंच चुका है और जल्दी ही इसका भी खुलासा होगा।
खास बातें:
संजीव मित्तल के यहां से 29 दिसंबर को मिले थे 25 करोड़ के पुराने नोट