मेरठ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी सपा नेता अतुल प्रधान के खिलाफ 10 मुकदमों में गैर जमानती वारंट जारी हो गए हैं। बुधवार को भी उसकी तलाश में पुलिस टीमों ने जिले भर में ताबड़तोड़ दबिश दीं। हालांकि उसका सुराग नहीं लगा। एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि सरेंडर करने का दावा करने वाला अतुल प्रधान अंडरग्राउंड हो गया है।
नोएडा के सुमित गुर्जर एनकाउंटर में इंस्पेक्टर से लेकर यूपी के डीजीपी तक के खिलाफ विवादित भाषण देने और कमिश्नरी पर बिना अनुमति धरना प्रदर्शन करने को लेकर अतुल प्रधान समेत 25 से ज्यादा समर्थकों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। यह वीडियो वायरल होने के बाद शासन ने सख्त रवैया अपनाया तो अतुल प्रधान की सरगर्मी से तलाश शुरू हो गई। एसएसपी ने बुधवार को बताया कि सपा नेता अतुल प्रधान पर पूर्व में 25 मुकदमे दर्ज है। इनमें जानलेवा हमला, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा जैसे 10 मुकदमों में अतुल प्रधान की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट प्राप्त कर लिए गए हैं। उसकी हर हाल में गिरफ्तारी की जाएगी।
भीड़ के सामने गिरफ्तारी का मकसद
एसएसपी के अनुसार अतुल प्रधान के दोनों मोबाइल फोन स्विच ऑफ हैं। माना जा रहा है कि वह शहर के बजाय देहात के इलाके में छिपा है। इससे भी इंकार नहीं कि वह एक-दो हजार लोगों की भीड़ के आगे गिरफ्तार होना चाहता है। इसलिए सामने नहीं आ रहा है। हालांकि उसके सरेंडर की संभावनाओं पर कचहरी में भी पुलिसकर्मी निगाह रखे हुए हैं।
खास बात:
अतुल प्रधान पर दर्ज हैं करीब 25 मुकदमे, पुलिस ने 10 मुकदमों में प्राप्त किए वारंट
एसएसपी का कहना, सरेंडर करने का दावा करने वाला हो गया अंडरग्राउंड