वारदात दो : प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवक को गोलियों से भूना, पांच घंटे लगाया जाम
मेरठ के मवाना में पलड़ा गांव में रविवार शाम बाइक सवार दो हमलावरों ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विशु को गोलियाें से भून दिया। परिजन उसे लेकर मवाना सीएचसी में पहुंचे, जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को मवाना-हस्तिनापुर रोड पर थाने के तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हत्यारोपी दूसरे समुदाय के हैं। होली पर झगड़ा हुआ था। तब से रंजिश चल रही है। शाम सात बजे से रात 12 बजे तक जाम लगा रहा।
हंगामे का पता चलने पर एसएसपी रोहित सजवाण, एसपी देहात कमलेश बहादुर, एसपी क्राइम समेत कई थानों की फोर्स पहुंची। वहीं, ग्रामीणों ने दूसरे समुदाय के एक युवक की स्कूटी में तोड़फोड़ कर दी। आईजी नचिकेता झा ने भी देर रात गांव में पहुंचकर घटना की जानकारी ली। उन्होंने थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर जांच के निर्देश दिए। मामले में पलड़ा गांव के प्रधान गजेंद्र समेत दूसरे समुदाय के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पांच घंटे बाद जाम खोला गया।
परिवार में था इकलौता बेटा
विशु परिवार में इकलौता बेटा था। जिसकी शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व नंगली गांव में हुई थी। विशु की पांच महीने की बेटी है। ग्रामीणों ने बताया कि विशु पढ़ने-लिखने में बहुत होशियार था।
एक पक्ष के मुताबिक इकबाल पक्ष ने नमाज पढ़ने के बाद मस्जिद से निकले मेराज को गोलियां मार दीं। मेराज पक्ष ने इकबाल के घर हमला करते हुए उसकी पत्नी अफरोज को गोली मार दी। दोनों के परिजन उन्हें हापुड़ रोड पर अलग-अलग अस्पतालों में ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। एसपी सिटी, सीओ सिविल लाइन, सीओ किठौर समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाया आरोप
इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाया है। मेराज के परिजनों का कहना था कि इकबाल की पत्नी की हत्या उन्होंने नहीं की है, उन्हें फंसाने के लिए दूसरे पक्ष ने ही वारदात की। वहीं, दूसरे पक्ष के लोगों ने कहा कि मेराज पक्ष के लोगों ने ही अफरोज की हत्या की है।
पुलिस की निगरानी में होगा दफीना
सीओ किठौर रूपाली राय के मुताबिक गांव में पुलिस के साथ क्यूआरटी को तैनात कर दिया गया है। सोमवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस फोर्स की मौजूदगी में दफीना कराया जाएगा। रात साढ़े 12 बजे तक किसी भी पक्ष की तरफ से खरखौदा थाने में तहरीर नहीं दी गई। अभी विवाद की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है।