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अपर नगर आयुक्त का बंगला तोड़ने का मामला सदन में उठाएंगे पार्षद

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मेरठ। अपर नगर आयुक्त के बंगले पर दूसरे दिन शनिवार को भी बुलडोजर चलाया गया। उसका मलबा उठाकर दूसरी जगह पर भेजने का कार्य जारी रहा। इसे लेकर भाजपा के पार्षदों ने आपत्ति जताकर नगर निगम की बोर्ड बैठक में मुद्दा उठाने की बात कही। बिना अनुमति सरकारी बंगला तोड़ने की शिकायत प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह से भी की और फिर शासन में भी करने की बात पार्षदों ने कही है। इस मामले में जिले के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।
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सिविल लाइन इलाके में नगर आयुक्त के आवास के पास नगर निगम की दो बिल्डिंग है। एक बिल्डिंग में अपर नगर आयुक्त रहते थे। यह फिलहाल खाली है। दूसरी में मुख्य अभियंता निर्माण प्रमोद कुमार सिसोदिया रहते हैं। पार्षद संजय सैनी का आरोप है कि नगर आयुक्त ने अपना नया कैंप कार्यालय बनाने के लिए अपर नगर आयुक्त के बंगले पर बुलडोजर चला दिया। इसमें से 70 फीसदी बिल्डिंग ध्वस्त कर दी गई। शुक्रवार को पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया था।
शनिवार को पार्षद संजय सैनी और पवन चौधरी ने प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह से भी शिकायत की। आरोप लगाया कि सरकारी बंगला तोड़ने के लिए निगम अफसरों ने निगम के सदन से कोई प्रस्ताव पास नहीं कराया। सरकारी बिल्डिंग तोड़ने से पहले पीडब्ल्यूडी या अन्य एजेंसी से जांच तक नहीं कराई। मलबे और बिल्डिंग को तोड़ने से पहले विज्ञापन और टेंडर की प्रक्रिया तक नहीं की है। मनमानी तरीके से बंगला तोड़ा। प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने जांच कराने की बात कही। पार्षदों में आक्रोश होने के बावजूद भी जिले के अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया और चुप्पी साधी हुई है। महापौर हरिकांत अहलूवालिया का कहना है कि नियमानुसार काम होगा। पार्षदों ने आपत्ति की है तो जांच भी कराएंगे।
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