केस स्टडी
- बागपत के मरीज अनिल को भर्ती कराने के लिए उनके परिजनों ने कई अस्पतालों में बात की। अस्पताल वालों ने पूछा कि ऑक्सीजन लेवल कितना है। 90 से कम है तो भर्ती नहीं करेंगे, क्योंकि ऑक्सीजन नहीं है। उनका ऑक्सीजन लेवल 85 था, इसलिए भर्ती नहीं किया।
- नोएडा के एक मरीज के लिए उसके परिजनों ने मेरठ के कई निजी अस्पतालों में कॉल की। बेड के लिए मना कर दिया गया। ज्यादा मिन्नतें की तो एक अस्पताल वाले ने कहा कि बेड तो मिल जाएगा, भर्ती कर लेंगे लेकिन ऑक्सीजन की व्यवस्था आपको ही करनी होगी।
साफ हो जाती है वायरस और मरीज की स्थिति
कोरोना मरीजों का एचआर सीटी चेस्ट की जांच करवाई जा रही है। कोरेडस इंडेक्स व सीटी स्कोर से वायरस व मरीज की स्थिति साफ हो जाती है। समय से पता चल जाता है कि मरीज के फेफड़ों में कितना संक्रमण है। इससे उपचार में आसानी होती है।
- डॉ. वीरोतम तोमर, छाती रोग विशेषज्ञ
कोविड निगेटिव भी सीटी स्कैन जरूर कराएं
बहुत लोगों की कोरोना जांच निगेटिव आने के बाद भी उनमें न्यूमोनिया के लक्षण नजर आते हैं। अगर कोविड निगेटिव को सर्दी-जुकाम हो और बार-बार बुखार आ रहा हो तो सीटी स्कैन करवाएं। सीटी स्कोर से पता चलता है कि मरीज ठीक हो गया है या नही।
- डॉ. अमित अग्रवाल, छाती रोग विशेषज्ञ
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