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कोरोना का कहर: पहले अपना ऑक्सीजन लेवल बताओ... इसके बाद ही करेंगे भर्ती, सामने आए ये मामले

Wed, 28 Apr 2021 06:13 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

कोरोना संक्रमितों की जांच तो हो रही है लेकिन अब चिकित्सक इसकी रिपोर्ट के मुकाबले मरीज के चेस्ट सीटी स्कैन को अधिक भरोसेमंद मान रहे हैं।
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मेरठ में कोरोना। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ में कोरोना संक्रमितों की जांच तो हो रही है लेकिन अब चिकित्सक इसकी रिपोर्ट के मुकाबले मरीज के चेस्ट सीटी स्कैन को अधिक भरोसेमंद मान रहे हैं। दरअसल, इससे आसानी से पता चल जाता है कि मरीज को कोरोना है या नहीं, साथ ही संक्रमण कितना खतरनाक है। कोरोना के चलते इन दिनों एचआर हाई रेसोलेशन कॉम्युटेड थोमोग्रैफी सीटी चेस्ट की मांग कई गुना बढ़ गई है।  

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ऐसे कई मरीज आ रहे हैं जिनकी जांच रिपोर्ट तो निगेटिव है लेकिन उनमें लक्षण कोरोना जैसे होते हैं। सांस लेने में तकलीफ व कमजोरी महसूस हो रही है। इसलिए सीटी एचआर चेस्ट-सीटी स्कोर के आधार पर मरीजों का इलाज किया जा सकता है। 

सीटी स्कैन टेस्ट में गलती की संभावना न के बराबर होती है, जबकि आरटीपीसीआर टेस्ट में बहुत खामियां है। आरटीपीसीआर टेस्ट को लेकर सवाल उठने के बाद डॉक्टर सीटी टेस्ट भी लिख रहे हैं। इससे यह भी पता चल जाता है कि मरीज को कितनी ऑक्सीजन की जरूरत पड़ेगी।
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सीटी स्कोर जान लीजिए
सीटी स्कैन कोरोना वायरस की गंभीरता की सही स्थिति सामने ले आता है। दोनों फेफड़ों के भागों के पैचेस के आधार पर स्कोर दिया जाता है। यह स्कोर 10 तक है तो माइल्ड श्रेणी में है, यानि हल्का जोखिम है, सीटी स्कोर 10 से 20 तक है तो मॉडरेट यानि मध्यम जोखिम है और स्कोर 20 से अधिक है तो वायरस गंभीर माना जाता है। इसी प्रकार सीटी का को-रेडस इंडेक्स भी मायने रखता है, व्यक्ति का को-रेडस इंडेक्स एक से तीन तक होना चाहिए।

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केस स्टडी
- बागपत के मरीज अनिल को भर्ती कराने के लिए उनके परिजनों ने कई अस्पतालों में बात की। अस्पताल वालों ने पूछा कि ऑक्सीजन लेवल कितना है। 90 से कम है तो भर्ती नहीं करेंगे, क्योंकि ऑक्सीजन नहीं है। उनका ऑक्सीजन लेवल 85 था, इसलिए भर्ती नहीं किया। 
- नोएडा के एक मरीज के लिए उसके परिजनों ने मेरठ के कई निजी अस्पतालों में कॉल की। बेड के लिए मना कर दिया गया। ज्यादा मिन्नतें की तो एक अस्पताल वाले ने कहा कि बेड तो मिल जाएगा, भर्ती कर लेंगे लेकिन ऑक्सीजन की व्यवस्था आपको ही करनी होगी। 

साफ हो जाती है वायरस और मरीज की स्थिति
कोरोना मरीजों का एचआर सीटी चेस्ट की जांच करवाई जा रही है। कोरेडस इंडेक्स व सीटी स्कोर से वायरस व मरीज की स्थिति साफ हो जाती है। समय से पता चल जाता है कि मरीज के फेफड़ों में कितना संक्रमण है। इससे उपचार में आसानी होती है।  - डॉ. वीरोतम तोमर, छाती रोग विशेषज्ञ

कोविड निगेटिव भी सीटी स्कैन जरूर कराएं
बहुत लोगों की कोरोना जांच निगेटिव आने के बाद भी उनमें न्यूमोनिया के लक्षण नजर आते हैं। अगर कोविड निगेटिव को सर्दी-जुकाम हो और बार-बार बुखार आ रहा हो तो सीटी स्कैन करवाएं। सीटी स्कोर से पता चलता है कि मरीज ठीक हो गया है या नही। - डॉ. अमित अग्रवाल, छाती रोग विशेषज्ञ

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