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मेरठ: नींद से जागा प्रशासन, ऑक्सीजन की समस्या के लिए खोला कंट्रोल रूम, इन नंबरों पर करें संपर्क

Wed, 28 Apr 2021 10:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ में एक सप्ताह से तेजी से बढ़ती ऑक्सीजन की किल्लत और लोगों को होती दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन अब जागा है। प्रशासन ने ऑक्सीजन संबंधी शिकायत के लिए कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम खोल दिया है।
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कंट्रोल रूम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक सप्ताह से तेजी से बढ़ती ऑक्सीजन की किल्लत और लोगों को होती दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन अब जागा है। प्रशासन ने ऑक्सीजन संबंधी शिकायत के लिए कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम खोल दिया है। यह 24 घंटे खुला रहेगा। इसके लिए कर्मचारियों की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगा दी गई है। यदि किसी को समस्या है तो वह कंट्रोल रूम नंबर 0121-2664134 पर संपर्क कर सकता है।

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इसके अलावा कंट्रोल रूम में सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक 9897283456, 9690241846, शाम चार बजे से रात 12 बजे तक 9837392748, 9808125957 और रात 12 बजे से सुबह आठ बजे तक 9458443427, 9634604506 पर संपर्क कर सकते हैं।

कोविड अस्पतालों में फिलहाल संकट टला, ऑक्सीजन की चुनौती बरकरार
ऑक्सीजन के संकट से जूझ रहे मरीजों और तीमारदारों के लिए थोड़ी राहत की खबर है। मंगलवार को ऑक्सीजन की कमी के कारण ज्यादा अफरातफरी नहीं देखी गई। फिलहाल, कोविड अस्पतालों में एक दिन के लिए ऑक्सीजन का संकट टल गया है। अगर बुधवार के बाद आपूर्ति नहीं सुधरी तो हालात फिर बिगड़ सकते हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए कोविड अस्पतालों के अलावा अन्य अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने की चुनौती है।
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मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में 20 टन ऑक्सीजन राउरकेला से मंगाई गई है। 20 टन ऑक्सीजन मोदीनगर से मिली है। पहली बार बीएचईएल हरिद्वार से भी ऑक्सीजन मिलने लगी है। 
अब मेरठ को बीएचईएल से 400 सिलिंडर प्रतिदिन मिलने लगे हैं। गाजियाबाद को छोड़कर अन्य जिलों को भी हरिद्वार से ऑक्सजीन मिल रही है। आईजीएल रुड़की से भी 10 टन ऑक्सीजन का टैंकर मिला है। बताया कि इसके साथ ही मंडल के सभी छह जिलों, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़ व बागपत के लिए 15-15 एयर कंसंट्रेटर बने हैं। ये ऑक्सीजन बनाने की मशीन है। इससे काफी राहत मिलेगी।

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दरअसल, कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर की जितनी मांग है, आपूर्ति उतनी नहीं हो रही है। हो-हल्ला होने पर ही सिलिंडर मिलते हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉ. विपिन धामा बताते हैं कि उनके यहां लिक्विड ऑक्सीजन की दिक्कत नहीं है। सिलिंडर अलग-अलग जगह से आ रहे हैं, इसलिए दिक्कत हो रही है। यहां 300 मरीज भर्ती हैं। अगर मरीजों की संख्या कम नहीं हुई तो फिर परेशानी आ सकती है। केएमसी अस्पताल के चेयरमैन डॉ. सुनील गुप्ता का कहना है कि हमारे यहां 150 मरीज हैं। हमें पौने तीन सौ सिलिंडर चाहिए होते हैं, जबकि 100 ही मिले हैं। न्यूटिमा अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. संदीप गर्ग बताते हैं कि आजकल में 100 से 110 सिलिंडर की जरूरत है। मंगलवार को जितने सिलिंडर चाहिए थे, उतने नहीं मिले। लोकप्रिय अस्पताल के मैनेजर ऋषभ बताते हैं कि फिलहाल 100 से ज्यादा मरीज हैं और आपूर्ति में दिक्कत नहीं है।

मंगलवार को पुट्ठा रोड स्थित कृष्णा गैस गोदाम पर सुबह आठ बजे से लाइन में लगे लोग दोपहर तक खड़े रहे। इसके बाद यहां हंगामा हो गया। मोहिददीपुर-गेझा मार्ग स्थित कंसल इंडस्टीज गैसेज के गोदाम पर तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में तीमारदारों की भीड लगी रही। उधर, उद्योगपुरम स्थित अग्रवाल गैसेज पर तीन दिन से ऑक्सीजन नहीं है। गोदाम मालिक अमित अग्रवाल ने बताया कि तीन दिन से गैस सिलिंडर नहीं आए हैं। यहां से सरकारी अस्पतालों को 500 सिलिंडर भेजे जा रहे थे।

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