दरअसल, कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर की जितनी मांग है, आपूर्ति उतनी नहीं हो रही है। हो-हल्ला होने पर ही सिलिंडर मिलते हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉ. विपिन धामा बताते हैं कि उनके यहां लिक्विड ऑक्सीजन की दिक्कत नहीं है। सिलिंडर अलग-अलग जगह से आ रहे हैं, इसलिए दिक्कत हो रही है। यहां 300 मरीज भर्ती हैं। अगर मरीजों की संख्या कम नहीं हुई तो फिर परेशानी आ सकती है। केएमसी अस्पताल के चेयरमैन डॉ. सुनील गुप्ता का कहना है कि हमारे यहां 150 मरीज हैं। हमें पौने तीन सौ सिलिंडर चाहिए होते हैं, जबकि 100 ही मिले हैं। न्यूटिमा अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. संदीप गर्ग बताते हैं कि आजकल में 100 से 110 सिलिंडर की जरूरत है। मंगलवार को जितने सिलिंडर चाहिए थे, उतने नहीं मिले। लोकप्रिय अस्पताल के मैनेजर ऋषभ बताते हैं कि फिलहाल 100 से ज्यादा मरीज हैं और आपूर्ति में दिक्कत नहीं है।
मंगलवार को पुट्ठा रोड स्थित कृष्णा गैस गोदाम पर सुबह आठ बजे से लाइन में लगे लोग दोपहर तक खड़े रहे। इसके बाद यहां हंगामा हो गया। मोहिददीपुर-गेझा मार्ग स्थित कंसल इंडस्टीज गैसेज के गोदाम पर तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में तीमारदारों की भीड लगी रही। उधर, उद्योगपुरम स्थित अग्रवाल गैसेज पर तीन दिन से ऑक्सीजन नहीं है। गोदाम मालिक अमित अग्रवाल ने बताया कि तीन दिन से गैस सिलिंडर नहीं आए हैं। यहां से सरकारी अस्पतालों को 500 सिलिंडर भेजे जा रहे थे।
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