बिजनौर जिले में छिपे हुए जमातियों को तलाशने का अभियान बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। पुलिस ने असम की पांच महिलाओं सहित 35 जमाती तलाशे। इन सभी को क्वारंटीन किया गया है। जिले में अब तक 487 जमाती पुलिस द्वारा तलाशे जा चुके हैं। इसके अलावा पुलिस अब उन लोगों को भी चिह्नित कर रही है जो दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के पास रहकर काम करते हैं। ऐसे 15 लोगों को भी क्वारंटीन किया है।
पुलिस प्रशासन की तरफ से लगातार यह अपील की जा रही है कि जमात में आने वाले लोग खुद ही सामने आएं और अपनी और अन्य लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए खुद ही अपनी जांच कराएं। बावजूद जमाती सामने नहीं आ रहे। इसीलिए पुलिस ने सर्च अभियान चलाया।
अभियान के तहत बृहस्पतिवार को नूरपुर से 19 जमाती मिले, इनमें आठ नूरपुर कस्बे से, चार गांव रहटा बिल्लोच, चार पूरनपुर नंगला से, एक हसुपुरा, एक दौलतपुर और एक बिशनपुर से मिला। इनमें से चार लोग गत छह मार्च को और बाकी 22 से 26 मार्च के बीच दिल्ली से लौटे थे। चांदपुर के स्याऊ से भी एक घर से 12 जमाती मिले हैं। इनमें असम की पांच महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं। दो जमाती स्थानीय हैं। हीमपुरदीपा थाने के गांव मसीत, पीपली जट व छोईया नंगली से एक-एक जमाती मिला। इनमें एक गुजरात, दूसरा दिल्ली गया था। तीसरा जमाती हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से लौटा है। इन सभी जमातियों को गांव स्वाहेड़ी में बने क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है।
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