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मेरठ में बढ़ा खतरा: कोरोना संक्रमित बढ़े, केरल, महाराष्ट्र और बिहार से आए अधिकारियों में हुई ओमिक्रॉन की पुष्टि

Wed, 05 Jan 2022 01:16 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

कोरोना के 86 नए मरीज मिले हैं। इनमें नीदरलैंड और जापान से आईं दो महिलाएं भी हैं। चिकित्सकों समेत सात हेल्थ केयर वर्कर और किठौर थाना प्रभारी भी संक्रमित हैं।
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मेरठ में बिना मास्क गुजरती युवतियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना के मरीजों की संख्या बीते एक सप्ताह से प्रतिदिन दोगुना बढ़ रही है। नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का हमला भी तेज हो गया है। अब शहर में ओमिक्रॉन के छह मरीज हो गए हैं। जिले में कोरोना के सक्रिय केस 256 हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस बार संक्रमण पहले से कम खतरनाक है और बचाव के इंतजाम ज्यादा पुख्ता हैं। 
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मेरठ में विदेश से आए 17 लोगों समेत मंगलवार को 6260 लोगों की कोरोना जांच की गई, जिनमें कोरोना के 86 नए मरीज मिले हैं। इनमें नीदरलैंड और जापान से आईं दो महिलाएं भी हैं। चिकित्सकों समेत सात हेल्थ केयर वर्कर और किठौर थाना प्रभारी भी संक्रमित हैं।

नए मरीजों में 47 पुरुष, चार किशोर और 35 महिलाएं हैं। ये हस्तिनापुर, अब्दुल्लापुर, ब्रह्मपुरी, दौराला, इस्लामाबाद, जयभीमनगर, लल्लापुरा, नगंला बट्टू, पुलिस लाइंस, संजयनगर, शकूरनगर, रजबन और मलियाना आदि के रहने वाले हैं। इनके संपर्क वालों की जांच कराई जा रही है। इनके सैंपल जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजे जाएंगे।
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सक्रिय केस 256 हो गए हैं। इनमें 242 होम आइसोलेशन में हैं। 14 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें छह यथार्थ अस्पताल में हैं, दो संतोष, दो-दो एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज व द मिलिट्री हॉस्पिटल और दो सुभारती अस्पताल में हैं।

21 नवंबर से अब तक 2660 लोग आ चुके हैं, जिनमें से 1501 की जांच हो चुकी है, नौ लोग बिना जांच वापस चले गए, जबकि 192 के संपर्क नंबर रिपीट मिले हैं। बाकी की जांच होनी है। विदेश से आए अब तक 13 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। एक महिला को जीनोम सीक्वेंसिंग में ओमिक्रॉन की पुष्टि भी हो चुकी है, हालांकि वह स्वस्थ हैं। 

माछरा सीएचसी प्रभारी माछरा डॉ. आलोक नायक ने बताया कि किठौर थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद मोहन शर्मा और सीएचसी में तैनात एक स्टॉफ नर्स संक्रमित पाए गए हैं। इन्हें क्वारंटीन कराया गया है।

केरल, महाराष्ट्र और बिहार से आए अधिकारियों में हुई ओमिक्रॉन की पुष्टि
शहर में कोरोना के जिन पांच मरीजों को ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है वह अफसर हैं। इनमें तीन मरीज केरल, महाराष्ट्र और बिहार से आए थे और कैंट क्षेत्र में रह रहे हैं। दो अन्य इनके ही संपर्क वाले हैं। इनमें चार पुरुष और एक महिला है। अब तक जिले में छह लोगों को ओमिक्रॉन की पुष्टि हो चुकी है। 

सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि इनका इलाज चल रहा है। अस्पताल में भर्ती हैं। इनकी निगरानी की जा रही है। इनके संपर्क वालों की फिर से कोरोना की जांच कराई जाएगी और पुष्टि होने पर सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग को भेजे जाएंगे। इनसे पहले शास्त्रीनगर में दक्षिण पूर्वी अफ्रीका से आई एक महिला को ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई थी। हालांकि वह स्वस्थ हैं।
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कोरोना की जांच के रेट तय   
निजी लैब और चिकित्सा संस्थानों में कोरोना की जांच के रेट तय कर दिए गए हैं। प्रयोगशाला में आरटीपीसीआर जांच के 700 और घर पर आकर सैंपल लेने पर 900 रुपये लिए जाएंगे। राज्य सरकार के अधिकारी द्वारा निजी लैब में जांच कराने पर 500 रुपये लिए जाएंगे। एंटीजन टेस्ट के 250 और ट्रूनॉट से जांच कराने पर 1250 रुपये (घर पर सैंपल लेने पर 200 रुपये अतिरिक्त) देने होंगे एचआर सीटी स्कैन की जांच पीपीई किट व अन्य व्यय सहित 16 स्लाइस दो हजार रुपये, 16 से 64 स्लाइस तक 2250 रुपये और 64 स्लाइस से अधिक ढाई हजार रुपये तय किए गए हैं। 

आठ मिले संक्रमित, 50 मीटर का क्षेत्र सील
गांव किनानगर निवासी दो युवक वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने की तैयारी कर रहे थे, उन्होंने मेडिकल में कोरोना की जांच कराई तो उनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आए हैं। 4 बच्चों समेत छह और संक्रमित निकले। 50 मीटर क्षेत्र को सील कर दिया।

संक्रमित नहीं हुआ क्वारंटीन, रिपोर्ट दर्ज
हस्तिनापुर कस्बे में एक मरीज कोरोना संक्रमित मिला है, लेकिन उसने क्वारंटीन होने से इनकार कर दिया है। टीम उसके घर पहुंची तो उसे भी लौटा दिया। मंगलवार को सीएचसी प्रभारी ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आशंका जताई है कि उसके खुला घूमने से संक्रमण बढ़ सकता है। सीएचसी प्रभारी डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि कस्बे के जीआईसी स्कूल रोड निवासी यह व्यक्ति एक जनवरी को सीएचसी पर इलाज के लिए आया था। सोमवार को वह कोरोना संक्रमित मिला। टीम उसके घर पहुंची। टीम को यह कहते हुए वापस कर दिया कि उसने कोई जांच नहीं कराई है।
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