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कोरोना ने दूरी बढ़ाई, शादी में मामा न ताई, मेजबान से मेहमान तक में संक्रमण का खौफ

Tue, 24 Nov 2020 02:42 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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कोरोना काल में शादियां - फोटो : amar ujala
शादी के जश्न में मामा, बुआ, चाची-ताई ही न हों तो जश्न फीका नजर आता है, लेकिन कोराना महामारी ने सोशल डिस्टेंसिंग को तो बढ़ावा दिया ही साथ ही रिश्तों में भी दूरियां पैदा कर दी हैं। चाहकर भी लोग अपनों की शादी जैसे आयोजनों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। कोराना के खौफ ने लोगों को इस कदर मजबूर कर दिया है कि मेजबान और मेहमान दोनों की संक्रमण के खौफ में हैं। पढ़ें ये रिपोर्ट-

केस 1- बेस्ट फ्रैंड ही शादी में नहीं आ पाया
दिल्ली रोड निवासी अनुभव की लॉकडाउन में शादी हुई। अनुभव बताते हैं सहारनपुर से शादी हुई है। मेरा बेस्ट फ्रैंड ही शादी में नहीं आ पाया। पहले उसने कहा आऊंगा लेकिन शादी के समय उसे सर्दी-जुकाम था तो नहीं आया। शादी जैसे बड़े अवसर पर अपने ही साथ न हों तो मजा नहीं आता।
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दीपा  - फोटो : अमर उजाला
केस 2 - घर की शादी में बेगानी
शास्त्रीनगर निवासी दीपा गुप्ता के मायके में नवंबर अंत में शादी है। दीपा कहती हैं अपने घर में शादी है और मैं ही नहीं जा पा रही। हमने योजना बनाई थी इस आखिरी शादी पर खूब धमाल करेंगे लेकिन सारी योजना फेल हो गई। घर में सभी ने मना कर दिया कि बाहर जाने पर सेहत बिगड़ने का खतरा है इसलिए नहीं जाना।

सुधा, दीपा और अनुभव की आपबीती तो बानगी है। इनकी तरह शहर में कई ऐसे परिवार हैं जिनकी शादी अपनों के बिना सूनी-सूनी रहेगी। देवोत्थान एकादशी से सहालग प्रारंभ हो रहे हैं। लेकिन किसी ने सोचा न था ऐसी शादियां इस बार होंगी। अपनों के बिना ही शादी समारोह होंगे। यह पहली बार है जब शादियों में रिश्तेदार या कुटुंब नहीं घर के ही लोग पूरी तरह शामिल नहीं होगे। बहन, भाई, ताई, चाचा के बिना विवाह और रस्में होंगी।
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सुधा शर्मा - फोटो : अमर उजाला
केस 3 - न लौटकर आएंगे ये पल 
शिवशक्ति नगर निवासी सुधा शर्मा के सबसे करीबी भाई के यहां शादी है, मगर सुधा उसमें नहीं जा पा रहीं। जबकि शादी के सभी नेग बुआ के नाते सुधा को करने हैं। सुधा कहती हैं ये पल लौटकर कभी नहीं आंएगे। शादी एक बार होती है मगर कोरोना के कारण सारे अरमानों पर पानी फिर गया। क्योंकि भीड़ में संक्रमण का खतरा है इसलिए शादी में जाना कैसिंल किया है।

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शादी में पहुंच रहे गिने चुने मेहमान - फोटो : अमर उजाला
मेजबान, मेहमान दोनों कर रहे बचाव
सरकार ने सीमित मेहमानों में समारोह करने की सख्ती लागू की है। अनलॉक के बाद भी यातायात बाधित है। लोगों को ट्रेन, फ्लाइट से आने-जाने में परेशानी हो रही है। किसी को खुद कोरोना है तो किसी को संक्रमण होने का खतरा है इसलिए पारिवारिक आयोजनों में जाने से बच रहे हैं। मेजबान भी मजबूरी में अधिक मेहमान नहीं बुला रहे।
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विवाह मंडपों के बाहर भी नहीं है पहले जैसी रौनक - फोटो : अमर उजाला
मिलने का होता है बहाना
शादी समारोह व अन्य संस्कार परिवार के मिलने का बहाना होते हैं। जब आयोजनों के बहाने पूरा परिवार, दोस्त, रिश्तेदार सालों बाद एक दूसरे से मिलते हैं। कुशलता जानते हैं। इसी बहाने नई पीढ़ियां रिश्तों का महत्व समझती हैं। खुशियों में सब साझेदार बनते हैँ। लेकिन कोरोना के कारण इस साल अपनों से मिलने का यह बहाना भी छूट गया।
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स्टेज भी सूने, जश्न फीका - फोटो : अमर उजाला
शॉर्टकट में होंगी रस्में, परंपराएं
शादी व अन्य शुभ संस्कारों में हर रस्म, परंपरा किसी न किसी रिश्ते में बंधी हैं। बहन गठबंधन करेगी, भाभी की काजल लगाई, जीजा की सेहरा बंधाई लेकिन कोरोना में अपने ही शादियों में नहीं आ पा रहे। ऐसे में ये रस्में भी शॉर्टकट में निभाई जाएंगी। 
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