दीपा
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केस 2 - घर की शादी में बेगानी
शास्त्रीनगर निवासी दीपा गुप्ता के मायके में नवंबर अंत में शादी है। दीपा कहती हैं अपने घर में शादी है और मैं ही नहीं जा पा रही। हमने योजना बनाई थी इस आखिरी शादी पर खूब धमाल करेंगे लेकिन सारी योजना फेल हो गई। घर में सभी ने मना कर दिया कि बाहर जाने पर सेहत बिगड़ने का खतरा है इसलिए नहीं जाना।
सुधा, दीपा और अनुभव की आपबीती तो बानगी है। इनकी तरह शहर में कई ऐसे परिवार हैं जिनकी शादी अपनों के बिना सूनी-सूनी रहेगी। देवोत्थान एकादशी से सहालग प्रारंभ हो रहे हैं। लेकिन किसी ने सोचा न था ऐसी शादियां इस बार होंगी। अपनों के बिना ही शादी समारोह होंगे। यह पहली बार है जब शादियों में रिश्तेदार या कुटुंब नहीं घर के ही लोग पूरी तरह शामिल नहीं होगे। बहन, भाई, ताई, चाचा के बिना विवाह और रस्में होंगी।