मेरठ। दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड रेल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। जहां-जहां स्टेशन के लिए जमीन उपलब्ध है, वहां फाउंडेशन कार्य शुरू कर दिया गया है। शताब्दीनगर स्टेशन को 215 मीटर लंबा, 36 मीटर चौड़ा और धरातल से 20-22 मीटर ऊंचा बनाया जाना है। इस स्टेशन पर मेट्रो और रैपिड दोनों का स्टॉपेज होगा। दिल्ली रोड स्थित संजय वन के पास इस स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
स्टेशन के फाउंडेशन का कार्य दिल्ली-मेरठ रोड पर दोनों किनारे किया जा रहा है। इसके बाद सड़क के डिवाइडर या मध्य में पाइलिंग की जाएगी। इससे यातायात भी बाधित नहीं होगा। स्टेशन के लिए कुल 33 पिलर बनाए जाने हैं। जिनमें से 11-11 पिलर सड़क के दोनों किनारों और 11 पिलर सड़क के मध्य भाग में होंगे । मेरठ के 21 किमी लंबे स्ट्रेच में मेरठ साउथ से लेकर मोदीपुरम तक 13 स्टेशन हैं। जिनपर मेरठ मेट्रो की ट्रांजिट सेवा स्थानीय निवासियों को मिल सकेगी।
दूसरा स्टेशन जिसका निर्माण शुरू
मेरठ शहर में परतापुर आरआरटीएस स्टेशन के बाद शताब्दी नगर दूसरा एलिवेटेड स्टेशन है, जिसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मेरठ में तीन भूमिगत स्टेशन के अलावा दस स्टेशन एलिवेटेड हैं। जिसमें मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, एमईएस कॉलोनी, डोरली, मेरठ नार्थ, मोदीपुरम व मोदीपुरम डिपो है। भूमिगत हिस्से में भैसाली स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है और जल्द ही मेरठ सेंट्रल और बेगमपुल का कार्य भी शुरू हो जाएगा ।
ये हैं सुविधाएं
आरआरटीएस स्टेशन व ट्रेन दोनों ही अनूठी सेवाएं यात्रियों को देने के लिए तैयार किए जा रहे हैं। इनमें सीसीटीवी कवरेज, महिलाओं, विकलांगों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए बैठने की अलग सीटों की प्राथमिकता, वाई-फाई कनेक्शन, बिजनेस क्लास कोच और यात्रियों के लिए एग्जीक्यूटिव लाउंज, एडवांस सुरक्षा स्कैनिंग मैकेनिज्म आदि सुविधाएं होंगी। आपातकालीन या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में स्टेशनों के डिजाइन में बड़े आकार की लिफ्टों का प्रावधान है, जो मरीजों को स्ट्रेचर सहित ले जाने में सक्षम होंगे।