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थाने में जमा कराए गए मोबाइल को चलाता रहा सिपाही

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थाने में जमा कराए गए मोबाइल को चलाता रहा सिपाही
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मेरठ। छेड़छाड़ के आरोपी की गिरफ्तारी के समय थाने में जमा कराए गए मोबाइल को एक सिपाही चला रहा था। उसका डाटा भी फारमेट कर दिया गया और कवर तक बदला गया। इस मामले का खुलासा जमानत पर आरोपी के छूटने के बाद हुआ। आरोपी की बहन मोबाइल फोन के लिए पांच दिन तक थाने के चक्कर लगाती रही। जब पता चला कि एक सिपाही के पास मोबाइल है तो वह थाने में ही धरने पर बैठ गई। करीब आठ घंटे बाद सिपाही से मोबाइल दिलवाया गया।
मामला नौचंदी थाने से जुड़ा है। पुलिस ने 10 दिसंबर को छेड़छाड़ के एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी का मोबाइल फोन और बेल्ट थाने में जमा करा लिया गया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। 18 जनवरी को युवक जेल से छूटा तो परिजन थाने में जमा उसका सामान लेने आ गए। पता चला कि मोबाइल थाने से गायब है। कई दिन तक थाने का स्टाफ यह बात छिपाकर युवक के परिजनों को टरकाता रहा। शुक्रवार को युवक की बहन और मां दोबारा थाने आ गए। उन्होंने इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार सिंह से शिकायत की तो स्टाफ उनको भी भ्रमित करने लगा। पता चला थाने के सिपाही के पास मोबाइल है। यह सुनकर युवती वहीं परिसर में बैठ गई। उन्हें वापस भेजने की कोशिश की गई लेकिन युवती ने भाई का मोबाइल वापस लिए बिना जाने से मना कर दिया।
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सुबह 11 बजे से शाम के चार बज गए। इंस्पेक्टर को पता जला तो उन्होंने सिपाही को बुला लिया। इसी दौरान एक व्यक्ति मोबाइल लेकर थाने आया। उसने बताया कि थाने से उनका मोबाइल गायब है, जिसके बदले में सिपाही ने यह फ़ोन उन्हें चलाने को दिया था। इंस्पेक्टर ने सिपाही को फटकार लगाई और युवती को मोबाइल लौटा दिया। बहन और अन्य परिजनों ने आपत्ति जताई कि किसी केस की प्रापर्टी को पुलिस कैसे इस्तेमाल कर सकती है।
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इनका कहना है---
- थाने में जमा मोबाइल किसी और मोबाइल के साथ बदल गया था। इसका पता चलते ही पुलिस ने तलाश कर उसे वापस मंगाते हुए वास्तविक मालिक को लौटा दिया। लापरवाही पर जवाब मांगा गया है। - जितेंद्र कुमार सिंह, थाना प्रभारी
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- इस तरह थाने में जमा कराए गए समान को प्रयोग में नहीं लाया जा सकता है। ऐसा है तो मामला गंभीर है। पीड़ित परिवार उनसे शिकायत करे, वह इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करेंगे। मोबाइल अगर बदला तो यह भी बड़ी लापरवाही है। - विनीत भटनागर, एसपी सिटी
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