यहां चाहिए इनर रिंग रोड फ्लाईओवर और हवाई उड़ान
योगी आदित्यनाथ दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार मेरठ आ रहे हैं। शहर को सीएम से उम्मीद है कि मेरठ से हवाई उड़ान और इनर रिंग रोड के प्रोजेक्ट जमीन पर आएं। शहर सच में स्मार्ट और जाम से मुक्त हो। हापुड़ रोड से एनएच-58 को जोड़ने के लिए इनर रिंग रोड का प्रस्ताव 20 सालों से चल रहा है। हालांकि, पिछले एक महीने से शासन ने प्राथमिकता पर इनर रिंग रोड को शामिल किया है, लेकिन अभी भी बजट का अभाव होने के कारण लोक निर्माण विभाग प्रस्ताव तैयार नहीं कर सका है। सिर्फ हापुड़ रोड को दिल्ली रोड से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव पर 400 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
हवाई उड़ान : मेरठ से प्रयागराज, लखनऊ के लिए कई बार एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने दौरा किया। एक बार तो जूम एयरवेज ने मेरठ से हवाई उड़ान पर सहमति जताई लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो सका। प्रदेश और केंद्र सरकार के मंत्री मेरठ से हवाई उड़ान का वादा कर चुके हैं, लेकिन यहां हवाई पट्टी विस्तारीकरण सहित अन्य कार्य करने पर 500 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।
फ्लाईओवर : शहर में बढ़ते यातायात को देखते हुए एक भी फ्लाईओवर नहीं है। हापुड़ अड्डा, बच्चा पार्क, रेलवे रोड चौराहा पर फ्लाईओवर की मांग है। फ्लाईओवर के लिए 100 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।
आपके प्रोजेक्ट में शामिल शूटिंग रेंज भी अटकी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रोजेक्ट में शामिल अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज का निर्माण कार्य अटक गया है। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में 8 करोड़ 65 लाख की लागत से तैयार हो रही शूटिंग रेंज को अभी तक एक करोड़ की पहली क़िस्त ही मिली है। दूसरी क़िस्त न आने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। कंप्यूटराइज्ड 54 टारगेट वाली शूटिंग रेंज की नींव व सरियों के बीम ही खड़े हो पाए हैं। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी गदाधर बारीकी ने बताया उम्मीद है जल्द दूसरी किस्त भी आएगी।
हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान उद्घाटन का कर रहा इंतजार
कैलाश प्रकाश स्टेडियम में केंद्र सरकार की खेलो इंडिया योजना के तहत साढ़े 5 करोड़ की लागत से हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार है, लेकिन अभी तक उसका उद्घाटन का फीता नहीं कट पाया है। तैयार एस्ट्रोटर्फ के उद्घाटन का खिलाड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
सिंथेटिक ट्रैक भी नहीं मिला
स्मार्ट सिटी योजना से कैलाश प्रकाश स्टेडियम में चार सौ मीटर का सिंथेटिक ट्रैक बनना है, लेकिन बजट न मिलने से सिंथेटिक ट्रैक नहीं मिला है। खिलाड़ियों को अभ्यास करने के लिए दिल्ली जाना पड़ रहा है या उबड़-खाबड़ जमीन पर अभ्यास को मजबूर हैं।
सीवरलाइन न पानी, शहर कैसे हो स्मार्ट
महानगर के बाहरी इलाकों में 594 किमी पाइप लाइन की जरूरत है। वहीं 23 ओवर हेड टैंक, 31 नलकूप और 250 एमएलडी की क्षमता वाले गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट की जरूरत है। इसके लिए सरकार से 627.55 करोड़ के बजट की मांग है। हर घर पर पानी का मीटर लगाने के लिए 430 करोड़ के बजट की आवश्यकता है।
शहर के 90 वार्ड में से 32 वार्डों में सीवर लाइन आंशिक रूप में है। 44 वार्ड तो ऐसे हैं जहां पर सीवर की पाइप ही नहीं है। इसके लिए शहर को 2735 करोड़ की जरूरत है।