नगर पालिका में धूल फांक रहे लाखों की कीमत के सफाई उपकरण
सरधना। पालिका डेयरी संचालकों से जुर्माने की वसूली व तालाब से कब्जा हटवाना तो दूर की बात नगर की जनता के टैक्स की गाढ़ी कमाई से खरीदे गए साफ सफाई के उपकरण का सही रखरखाव व इस्तेमाल भी नहीं कर पा रही है। लाखों रुपये का कीमती सामान पालिका में पड़ा धूल फांक रहा है और जंग खाकर जर्जर हो रहा है। सभासदों की मांग पर जांच भी बैठी, लेकिन अभी तक एक भी मामले का सच जनता के सामने नहीं आ सका।
सरधना पालिका क्षेत्र में साफ सफाई के लिए स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत लाखों रुपये का सामान खरीदा गया। जिसमें पूर्व पालिका बोर्ड द्वारा भी करोड़ों का सामान खरीदा गया। जिस पर सभासदों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की थी। इसी में पांच वर्ष पहले 24 लाख रुपये में एक पोकलेन मशीन भी खरीदी गई, जिसकी कीमत सभासदों ने मात्र 10 लाख रुपये होनी बताई। मंडलायुक्त व शासन से शिकायत किए जाने पर जांच बैठी। लेकिन अभी तक नतीजा शून्य है। यह पोकलेन मशीन आज भी एक जगह खड़ी धूल फांक रही है और जंग खाकर जर्जर होने लगी है।
वर्तमान चेयरपर्सन शबीला बेगम के समय में भी स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 50 लाख रुपये से अधिक का सामान खरीदा गया, जिसमें टाटा मैजिक, ट्रैक्टर-ट्रॉली व रिक्शा ठेला समेत अन्य सामान शामिल हैं। इसकी सभासद दिलशाद, शाकिर, शाहरुख उर्फ बंटी ने जांच कराने की मांग की थी, लेकिन जांच आज तक पूरी नहीं हो सकी। इतना ही नहीं, जो सामान स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत खरीदा गया था, उसका प्रयोग भी नहीं किया जा रहा है और वह पालिका में ही पड़ा है। यह जंग खाकर जर्जर होने लगा है। वहीं, करीब 17 लाख खर्च कर करीब 125 रिक्शा ठेली खरीदी गई, जिसमें आधे से अधिक पालिका में ही जंग खा रही हैं। उनका आज तक प्रयोग नहीं किया गया।
सही रखरखाव कराया जाएगा
एसडीएम सरधना अमित कुमार भारतीय का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। पालिका द्वारा लाखों रुपये की कीमत से सफाई के लिए जो उपकरण खरीदे गए हैं, उनका सही तरह से रखरखाव कराया जाएगा और जो उपकरण खराब हो गए हैं, उन्हें ठीक कराकर इस्तेमाल किया जाएगा।