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लालफीताशाही: यात्री झेल रहे मुसीबत, 5.5 करोड़ की सिटी बसें डिपो में हो रहीं कबाड़, कई रूटों पर बसों की किल्लत

Thu, 26 May 2022 11:28 AM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी की लापरवाही के कारण सिटी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। कंपनी ने बसों के लिए 30 परिचालक भर्ती नहीं किए हैं। ऐसे में 90 में से प्रतिदिन 68 बसें ही सड़कों पर उतर पाईं हैं। मोदीनगर, किठौर और सरधना रूट पर बसों की किल्लत चल रही है। जिससे मुसीबत यात्रियों को झेलनी पड़ रही है।
 
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सिटी बस मेरठ, city bus Meerut - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ में सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी की लालफीताशाही की वजह से प्रतिदिन हजारों लोग मुसीबत झेल रहे हैं। कंपनी ने 30 परिचालक भर्ती नहीं किए जिसकी वजह से प्रतिदिन 90 में से 22 सीएनजी सिटी बसें डिपों में ही खड़ी रहती हैं। करीब 5.5 करोड़ की कीमत की ये 22 बसें खराब हो रही हैं। यात्री अवैध टेंपो और ई-रिक्शा में सफर करने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही है।

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जेएनएनयूआरएम के तहत कंपनी को केंद्र सरकार से वर्ष 2010 में 120 सीएनजी बसें मिली थीं। दस वर्ष की मियाद पूरी होने के बाद डीजल से चलने वाली सिटी बसें बंद हो गईं थीं। शासन ने इनके बदले 80 सीएनजी बसें और 10 वोल्वो एसी बसें दी थीं। ये सभी बसें सात रूटों पर चल रहीं थीं, लेकिन संविदा परिचालकों की कमी के चलते अब इनमें से 22 बसों के पहिये थम गए हैं। प्रतिदिन केवल 68 बसों का ही संचालन हो पा रहा है। बसों की कमी का सबसे ज्यादा प्रभाव सिवाया-मोदीनगर, हापुड़ अड्डे से किठौर और भैंसाली से सरधना रूट पर हो रहा है। इन रूटों पर यात्री ज्यादा हैं और बस कम हो गई हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।

बोर्ड करता है बसों का संचालन
शहर में सीएनजी की बसें चलाने की जिम्मेदारी मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एमसीटीएसएल) की है। इसके लिए कमिश्नर की अध्यक्षता में बोर्ड बना है। इस बोर्ड में डीएम, एसएसपी, नगरायुक्त, एमडीए वीसी और आरटीओ डायरेक्टर हैं। कंपनी के एमडीए रोडवेज के रीजनल मैनेजर हैं। 
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195 परिचालकों की जरूरत, 165 ही बचे
सिटी बसें प्रतिदिन 14 घंटे चलती  हैं। कुल 90 बसों के संचालन के लिए 195 संविदा परिचालकों की जरूरत है लेकिन कंपनी के पास अब 165 परिचालक बचे हैं। तीस परिचालकों की कमी के चलते शत प्रतिशत बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। एक  संविदा परिचालक को माह में 20 दिन से ज्यादा बस नहीं दी जाती। प्रत्येक सिटी बस रोज औसतन 200 किमी चलती है। परिचालक को वेतन के रूप में प्रति किलोमीटर दो रुपये छह पैसे मिलते हैं। 

जल्द करेंगे भर्ती
एमसीटीएसएल के एमडी केके शर्मा ने बताया कि संविदा परिचालकों की कमी को जल्द ही पूरा किया जाएगा। इसके लिए तैयारी चल रही है। 

अभी किस रूट पर चल रहीं कितनी बसें
रूट का नाम                     संचालित बसों की संख्या 
सिवाया-मोदीनगर                       24
हापुड़ अड्डा-किठौर                   17
भैसाली-सरधना                        16
राधागोविंद इंजी. कालेज-सिवाया       05
भैसाली-करनावल                      03
भैसाली-हर्रा खिवाई                    02
भैसाली-सिवालखास-खानपुर          01
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