उन्होंने राजनीति के साथ-साथ शिक्षा के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने का काम किया। पूर्व प्रधानमंत्री ने राजनीति के लिए मेरठ के क्षेत्र बागपत को चुना। वहीं, रासना व आसपास के गांवों में जनता ने उन्हें खूब प्यार व सम्मान दिया।
त्यागी ने बताया कि जब मेरठ से बड़ौत तक कोई डिग्री कॉलेज नहीं था, उस समय क्षेत्र में शिक्षा का स्तर उठाने के लिए डिग्री कॉलेज के शिलान्यास करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा, तुरंत बताओ, कब करना है।
1936 में एक छोटे से विद्यालय की प्रबंध समिति से शुरू हुआ सफर 1948 में इंटर कॉलेज और 1975 में डिग्री कॉलेज के शिलान्यास तक पहुंचा। चौधरी चरण सिंह ने न्यादर सिंह के पुत्र ओमप्रकाश त्यागी को बीकेडी से विधान परिषद का सदस्य बनाया था।
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह गांव वालों से रूबरू होकर खुले मन से बात करते थे। त्यागी ने बताया कि रासना गांव में 17 स्वतंत्रता सेनानी थे, जिसके लिए चौधरी साहब इस धरती की सराहना करते थे।