हस्तिनापुर। जम्बूद्वीप में गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता की प्रमुख शिष्या प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी का 32वां आर्यिका दीक्षा दिवस बृहस्पतिवार को भक्तिपूर्वक मनाया गया। प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती ने 32 वर्ष पूर्व हस्तिनापुर की पावन धरा पर गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता से आर्यिका दीक्षा ग्रहण की थी। पूर्व में बाल ब्र. कु. माधुरी शास्त्री के रूप में पूज्य माताजी के पास काफी वर्षों से साधनारत थी। कु. माधुरी का जन्म सन 1958 में बाराबंकी जिले के टिकैतनगर ग्राम में हुआ था। उनके पिता का नाम लाला छोटेलाला एवं माता का नाम मोहिनी देवी जैन था। वे पीएचडी की उपाधि से तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय मुरादाबाद से सम्मानित हैं। उन्होंने लगभग 225 ग्रंथों का सृजन किया है। लगभग 1100 भजनों की रचना की है। इसके साथ कई पूजा-आरती की रचना भी उनके द्वारा की गई है। उन्हें प्रज्ञाश्रमणी की उपाधि से विभूषित भी किया गया 1997 में यह उपाधि ज्ञानमती माताजी द्वारा दिल्ली में प्रदान की गई थी।
संस्थान के मंत्री विजय कुमार जैन ने बताया कि पूज्य माता के 32वें दीक्षा दिवस पर तीनमूर्ति मंदिर में भगवान ऋषभदेव, भरत बाहुबली भगवान का सप्तरंगी पंचामृत अभिषेक संपन्न किया गया। जिसमें दूध, दही, घी, सर्वोषधि, नरियल पानी, शर्करा, पुष्पवृष्टि, केसर, सुगंधित जल द्वारा अभिषेक किया गया। अंत में भगवान के मस्तक पर विश्व में शांति एवं कोरोना वैश्विक महामारी के शीघ्र निवारण की कामना से महा शांतिधारा की गई। जिसके मंत्रों का उच्चारण पीठाधीश रवींद्रकीर्ति स्वामी ने किया। इस अवसर पर पूज्य ज्ञानमती माताजी के जल एवं दूध से चरणप्रक्षाल किया गया। वहीं, पूज्य माताजी के चरणों में अर्घ्य समर्पित किया गया। इसी क्रम में प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती माता का चरण प्रक्षाल संघस्थ ब्र. बहनों एवं कैलाश चंद जैन, लखनऊ, कुमुदनी जैन, जम्बूद्वीप ने किया। पूज्य माताजी के चरणों में अर्घ्य समर्पित किया गया।
पूज्य गणिनीप्रमुख ज्ञानमती माता ने इस अवसर पर प्रज्ञाश्रमणी चंदनामती माता को संयम का उपकरण नवीन पिच्छिका प्रदान की एवं स्वाध्याय हेतु शास्त्र प्रदान किया। इसी के साथ चारित्र वृद्धि का मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर समस्त जम्बूद्वीप परिवार ने पूज्य माताजी की एवं चंदनामती माताजी का भक्तिपूर्वक पूजन संपन्न किया। दिन में पूज्य माताजी के चरणों सभी ने अपनी विनयांजलि प्रस्तुत की एवं जम्बूद्वीप परिवार के बच्चों ने सास्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। शाम को 32 दीपकों के थाल से भगवंतों एवं पूज्य माता की आरती संपन्न की गई।